लखनऊ में जमीन विवाद को लेकर हंगामा, पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और करीबी पर लगे कब्जे के आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जमीन विवाद को लेकर एक नया मामला सामने आया है। सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में आयोजित समाधान दिवस के दौरान कई महिलाओं ने प्रदर्शन करते हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति और उनके कथित करीबियों पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

जानकारी के मुताबिक, विवाद शहीद पथ के पास स्थित एक जमीन को लेकर है, जिस पर दोनों पक्ष अपना-अपना दावा कर रहे हैं। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब समाधान दिवस के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं थाने पहुंचीं और जमीन पर अवैध कब्जे के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं छाया देवी ने आरोप लगाया कि जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति और उनकी करीबी बताई जा रही गुड्डा देवी विवादित जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जमीन पर उनका वैध अधिकार है और दूसरे पक्ष की ओर से दबाव बनाकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

छाया देवी ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने भी जमीन विवाद को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और न्याय की मांग की।

निर्माण कार्य रुकवाने के बाद बढ़ा विवाद

सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात विवादित जमीन पर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि छाया देवी की ओर से जमीन पर कुछ निर्माण गतिविधियां चल रही थीं। इसकी जानकारी मिलने के बाद दूसरे पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई।

शिकायत मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य को तत्काल रुकवा दिया। इसके बाद दोनों पक्षों को जमीन से संबंधित दस्तावेजों के साथ समाधान दिवस पर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए ताकि मामले की सुनवाई की जा सके।

समाधान दिवस में पहुंचा मामला

शनिवार को समाधान दिवस के दौरान दोनों पक्ष सुशांत गोल्फ सिटी थाने पहुंचे। सुनवाई के दौरान छाया देवी अपने समर्थन में कई महिलाओं को लेकर पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं का कहना था कि मामले में निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और मामले को शांतिपूर्वक निपटाने का प्रयास किया।

राजस्व विभाग करेगा जांच

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जमीन विवाद से जुड़े दस्तावेजों और स्वामित्व के दावों की जांच राजस्व विभाग द्वारा कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम रूप से सही या गलत नहीं माना जा सकता। सभी संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस ने शांति बनाए रखने की अपील की

प्रदर्शन के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद महिलाओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।

फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और जमीन के मालिकाना हक को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे विवाद की तस्वीर साफ हो सकेगी।

 

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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