उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े तीन शूटरों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली के रोहिणी इलाके से स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में से दो उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पूर्वांचल के एक प्रभावशाली बाहुबली और पूर्व सांसद के संपर्क के जरिए बिश्नोई गैंग से जुड़े थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार शूटरों की पहचान अभिनव और विवेक के रूप में हुई है, जो आजमगढ़ के रहने वाले हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन युवकों की गैंग में एंट्री कैसे हुई और उन्हें किन-किन आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
वाराणसी में हत्या की साजिश का खुलासा
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि बीते सप्ताह वाराणसी कचहरी परिसर में गाजीपुर के एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख की हत्या की साजिश रची गई थी। हालांकि वारदात को अंजाम देने से पहले ही गाजीपुर पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक कर लिया था।
पुलिस को जानकारी मिली थी कि दोनों शूटर लखनऊ में छिपे हुए हैं। जैसे ही पुलिस उनके करीब पहुंची, आरोपी राजधानी छोड़कर दिल्ली भाग गए। इसके बाद दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया गया और आखिरकार रोहिणी क्षेत्र से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो एक बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम दिया जा सकता था।
विदेशी नेटवर्क से मिल रहे थे निर्देश
प्रारंभिक पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को विदेश में बैठे गैंग संचालकों से लगातार निर्देश मिल रहे थे। विदेशी नेटवर्क के जरिए उन्हें संभावित टारगेट्स की जानकारी उपलब्ध कराई जाती थी और फिर हमले की योजना तैयार की जाती थी।
पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों से जुड़ा हुआ है। यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब विदेशी कनेक्शन की गहन पड़ताल कर रही हैं।
कई आपराधिक मामलों में थे वांटेड
अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार शूटर दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हुई कई आपराधिक घटनाओं में वांटेड थे। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने पहले भी टारगेटेड फायरिंग और गैंगवार जैसी घटनाओं में भूमिका निभाई थी। पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड, आर्थिक स्रोतों और गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
गैंग के नेटवर्क पर पुलिस की नजर
लॉरेंस बिश्नोई गैंग देश के कई राज्यों में सक्रिय माना जाता है और इसके तार विदेशों तक जुड़े होने की बात सामने आती रही है। ऐसे में दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस की यह कार्रवाई गैंग के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।










