कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) की ओर से तीन वर्ष बाद प्रदेश स्तरीय अंपायर एवं स्कोरर कार्यशाला का गुरुवार को ग्रीनपार्क स्टेडियम में शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में प्रदेश के 35 जिलों से 133 प्रतिभागी प्रशिक्षण ले रहे हैं। लिखित परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को अगले चरण की परीक्षा में शामिल होने का मौका मिलेगा।
बृहस्पितवार को ग्रीनपार्क स्टेडियम स्थित नवनिर्मित प्लेयर्स पवेलियन में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 96 अंपायर और 37 स्कोरर भाग ले रहे हैं। इनमें सात महिला अंपायर और दो महिला स्कोरर भी शामिल हैं।

यूपीसीए ने बताया कि कार्यशाला के बाद होने वाली लिखित परीक्षा में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों का चयन अगले चरण के लिए किया जाएगा। सफल अभ्यर्थियों को सितंबर 2026 में होने वाली प्रायोगिक परीक्षा, वाइवा और विजुअल टेस्ट में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
कार्यशाला की शुरुआत यूपीसीए अंपायर समिति के अध्यक्ष मनोज पुंडीर के स्वागत भाषण से हुई। पूर्व अंतरराष्ट्रीय अंपायर अनिल चौधरी ने अंपायरिंग के नियम, मैदान पर सटीक निर्णय लेने की प्रक्रिया और निष्पक्षता के महत्व पर प्रशिक्षण दिया। वहीं, बीसीसीआई के वरिष्ठ स्कोरिंग प्रशिक्षक पी. जयपाल ने आधुनिक स्कोरिंग की तकनीकी बारीकियों और स्कोरर की भूमिका पर जानकारी दी।

यूपीसीए के सचिव प्रेम मनोहर गुप्ता, कोषाध्यक्ष सचिन आनंद शुक्ला और निदेशक रियासत अली ने कहा कि प्रशिक्षित अंपायर और स्कोरर क्रिकेट प्रतियोगिताओं की गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. गौरहरि सिंहानिया क्रिकेट अकादमी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान यूपीसीए और बीसीसीआई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।










