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 UP News: कॉलेज-यूनिवर्सिटी में हर दिन होगी नशामुक्ति की शपथ, 500 मीटर के दायरे में नशे की बिक्री पर सख्ती

लखनऊ, 7 अगस्त। उत्तर प्रदेश में युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए योगी सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक नशामुक्ति अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा…

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 UP News: कॉलेज-यूनिवर्सिटी में हर दिन होगी नशामुक्ति की शपथ, 500 मीटर के दायरे में नशे की बिक्री पर सख्ती

लखनऊ, 7 अगस्त। उत्तर प्रदेश में युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए योगी सरकार ने उच्च शिक्षण संस्थानों में व्यापक नशामुक्ति अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे से बचाने के साथ उन्हें स्वस्थ, अनुशासित और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।

इस अभियान के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रत्येक कार्यदिवस की शुरुआत से पहले दो मिनट की नशामुक्ति शपथ दिलाई जाएगी। इसके अलावा विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें ‘रन फॉर नशामुक्ति’, मैराथन, पथ संचलन, भाषण, निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता, नाटक और नुक्कड़ नाटक प्रमुख हैं।

शिक्षकों को भी निभानी होगी अहम भूमिका

अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रत्येक शिक्षक सप्ताह में एक बार अपने पीरियड के अंतिम दस मिनट विद्यार्थियों के साथ नशामुक्ति विषय पर संवाद करेंगे। इस दौरान छात्रों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी जाएगी और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रखा जाए तो प्रदेश और देश का भविष्य और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं।

कॉलेजों के आसपास 500 मीटर में नशे की बिक्री पर रोक

योगी सरकार ने नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता के साथ-साथ निगरानी और सख्ती पर भी जोर दिया है। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के 500 मीटर के दायरे में नशीले पदार्थों की बिक्री पर सख्ती से रोक सुनिश्चित की जाएगी।

इसके लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज परिसर, हॉस्टल तथा कैंटीनों में नियमित निरीक्षण किए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों में बाहर से आने वाली सामग्री पर भी निगरानी बढ़ाई जाएगी। ऑनलाइन डिलीवरी और कूरियर के माध्यम से आने वाले सामान की प्रवेश द्वार पर जांच की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।

नशे की प्रवृत्ति वाले छात्रों की होगी काउंसलिंग

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नशे की प्रवृत्ति वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें केवल दंडित करने के बजाय काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके अभिभावकों को भी बुलाकर संवाद किया जाएगा, ताकि छात्र को नशे की आदत से बाहर निकालने के लिए परिवार और संस्थान मिलकर काम कर सकें।

विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्रेरणादायी स्थलों के शैक्षिक भ्रमण भी कराए जाएंगे। अभियान के प्रचार के लिए कॉलेज परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग, वॉल पेंटिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिक से अधिक युवाओं को ‘माय भारत’ पोर्टल से जोड़ने की भी योजना है।

पांच जोन में होगी अभियान की निगरानी

अभियान की निगरानी के लिए प्रदेश को पांच जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय स्तर पर वरिष्ठ नोडल अधिकारी, महाविद्यालय स्तर पर प्राचार्य और संकाय स्तर पर अलग नोडल अधिकारी अभियान की नियमित निगरानी करेंगे।

सरकार का लक्ष्य नशामुक्ति अभियान को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रखकर इसे उच्च शिक्षण संस्थानों की नियमित गतिविधियों का हिस्सा बनाना है। इसके जरिए युवाओं को नशे से दूर रखने के साथ स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने की कोशिश की जाएगी।