UP MLC Election Results 2026: 11 सीटों पर मतगणना शुरू, 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 23 अक्टूबर को मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की इन सीटों पर कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है। मतगणना केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चुनाव आयोग ने परिणाम घोषित करने की व्यवस्था की है।
इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। दोनों दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार किया था। ऐसे में नतीजों पर दोनों दलों की नजर टिकी हुई है।
मतपत्रों की गिनती में लग सकता है समय
विधान परिषद चुनाव में मतदान मतपत्रों के जरिए हुआ है। ऐसे में मतों की गिनती की प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है। पहले प्रथम वरीयता वाले मतपत्रों की गणना की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एक चक्र की गणना में करीब दो से ढाई घंटे लग सकते हैं। प्रत्येक चरण की गणना के बाद परिणाम घोषित करने की व्यवस्था की गई है।
इस चुनाव में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। इन सभी 11 सीटों के परिणाम प्रदेश की राजनीतिक चर्चाओं में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर ऑब्जर्वर बदले गए
मतगणना से पहले गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी सीट पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चुनाव पर्यवेक्षक अभय सिंह को हटाकर 2009 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह कदम बीजेपी के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह की शिकायत के बाद उठाया गया बताया गया है। अब मतगणना प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी नए पर्यवेक्षक संभालेंगे।
आगरा में छह अधिकारी निलंबित
आगरा में एमएलसी चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग और धांधली के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने छह अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है। इनमें सेक्टर मजिस्ट्रेट, पुलिस निरीक्षक और उपनिरीक्षक शामिल बताए गए हैं। आयोग ने यह कार्रवाई आगरा के मंडलायुक्त और निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर की। मतदान केंद्रों के भीतर और आसपास प्रभावी निगरानी में विफलता को गंभीर लापरवाही माना गया।
सपा ने उठाए मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल
समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मतगणना में आउटसोर्स कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लगाने की मांग की है। पार्टी ने मतदान में इस्तेमाल होने वाले बैंगनी रंग के स्केच पेन को मतगणना स्थल पर प्रतिबंधित करने और हर चक्र के परिणाम तत्काल घोषित करने का भी अनुरोध किया है।
इस चुनाव में कुल 14,81,310 मतदाता पंजीकृत थे और 54.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 11 सीटों पर चुने जाने वाले सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। अब सभी की निगाहें मतगणना और चुनाव आयोग की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक परिणामों पर हैं।



