त्योहारों को लेकर यूपी पुलिस अलर्ट, डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश

- डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों संग की ऑनलाइन बैठक
- बाजारों में बढ़ेगी पुलिस गश्त, अपराधियों के नेटवर्क पर होगी कार्रवाई
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। आगामी त्योहारों धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ पर्व को शांतिपूर्ण व सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए यूपी पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके चलते शनिवार को डीजीपी राजीव कृष्णा और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। जहां बैठक में सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को त्योहारों के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी राजीव कृष्णा ने व्यस्त बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की सक्रिय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके तहत शाम के समय वरिष्ठ अधिकारी और थाना प्रभारी स्वयं फुट पेट्रोलिंग करेंगे। इसके अलावा पेट्रोलिंग से पहले संबंधित क्षेत्रों में हुई आपराधिक घटनाओं, अपराध के पैटर्न और स्थानीय समस्याओं का विश्लेषण किया जाएगा।पुलिसकर्मियों को केवल गश्त तक सीमित न रहकर दुकानदारों और आम नागरिकों से संवाद स्थापित करने तथा उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करने को कहा गया है।
जहां क्षेत्र की संवेदनशीलता के अनुसार पिकेट और पुलिस बल की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही यूपी-112 की गाड़ियों को आपातकालीन सेवाओं के साथ निर्धारित क्षेत्रों में लगातार धीमी गति से पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से शाम छह से सात बजे के बाद निर्धारित अंतराल पर सायरन बजाकर पुलिस की मौजूदगी का एहसास कराने को कहा गया है।बीट पुलिसकर्मियों को अपने क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण एवं तस्करी से जुड़े दृश्य संकेतकों की पहचान के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित और सतर्क किया जाएगा।
बीट आरक्षियों को अवैध असलहों, मादक पदार्थों और संगठित अपराधियों के नेटवर्क के संबंध में विश्वसनीय सूचनाएं जुटाने के लिए नियमित ब्रीफिंग देने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा त्योहारों के दौरान बाजारों और प्रमुख मार्गों पर बढ़ने वाले यातायात दबाव को देखते हुए ट्रैफिक ड्यूटी का पुनर्गठन किया जाएगा। अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की उपलब्धता के अनुसार भीड़भाड़ वाले स्थानों और प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा, ताकि जाम की स्थिति उत्पन्न न हो और लोगों का आवागमन सुचारु बना रहे।
अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को दीपावली से पहले ही अलर्ट रहने और छठ पर्व तक विशेष सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया है।भैयादूज के अवसर पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की सक्रिय मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
पटाखा दुकानों की जांच, सुरक्षा मानकों का सख्ती से होगा पालन
दीपावली पर पटाखों की बिक्री और भंडारण को लेकर भी पुलिस प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जहां पटाखों की दुकानें खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर, मुख्य बाजार से अलग निर्धारित स्थलों पर लगाई जाएंगी। सभी दुकानों के लिए अस्थायी लाइसेंस अनिवार्य होगा। साथ ही दुकानों पर पानी, रेत और अग्निशमन यंत्र सहित आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे। प्रदेशभर में अस्थायी पटाखा दुकानों और भंडारण स्थलों की सघन जांच शीघ्र पूरी कराने तथा सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। पिछले पांच वर्षों में पटाखों से हुई दुर्घटनाओं और जनहानि को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है।
गैंग का खुलासा ही नहीं, पूरे नेटवर्क पर होगी कार्रवाई
एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने अपराध नियंत्रण और संगठित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी आपराधिक घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस की कार्रवाई केवल अभियुक्तों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि संबंधित गैंग के पूरे नेटवर्क, उसके विस्तार और अंतरजनपदीय संबंधों की गहन जांच की जानी चाहिए।
डीजीपी राजीव कृष्णा और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं समय से पूरी की जाएं। साथ ही प्रभावी पुलिसिंग, सटीक सूचना संकलन और अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



