कई अहम प्रस्तावों पर मंथन
धामी बैठक, विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की उम्मीद
सोनू। देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई। बैठक में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी और प्रसिद्ध निशानेबाज एवं पद्मश्री सम्मानित जसपाल राणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। बैठक के आरंभ में कैबिनेट मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेजर जनरल बी.सी. खंडूरी ने राज्य के विकास, सुशासन और जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि जसपाल राणा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपलब्धियों से उत्तराखंड और देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने कहा कि दोनों विभूतियों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
श्रद्धांजलि के बाद कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई, जिसमें जनहित, विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, बुनियादी ढांचा विकास, रोजगार सृजन और निवेश प्रोत्साहन से संबंधित विषयों पर निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकारी सूत्रों का मानना है कि कैबिनेट के समक्ष एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं, जिन पर विचार-विमर्श के बाद बड़े फैसले सामने आ सकते हैं। विभिन्न विभागों में नई योजनाओं, नीतिगत संशोधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर भी कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री धामी की नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के बाद राज्य सरकार की कार्यशैली में तेजी देखने को मिली है।
सरकार विकास परियोजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक सुधारों को लेकर सक्रिय दिखाई दे रही है। ऐसे में इस कैबिनेट बैठक को आगामी चुनावों से पहले सरकार के विकास रोडमैप के रूप में भी देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए सरकार विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है। बैठक में विभिन्न वर्गों को राहत देने वाले फैसलों के साथ-साथ लंबित मामलों के समाधान पर भी निर्णय लिए जा सकते हैं। प्रदेशभर की निगाहें इस महत्वपूर्ण बैठक पर टिकी हुई हैं। अब सभी को कैबिनेट के अंतिम फैसलों और सरकार द्वारा घोषित किए जाने वाले नए कदमों का इंतजार है।










