- इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के बीच अचानक लिया संन्यास
ऑकलैंड। न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास के सबसे महान बल्लेबाजों में शुमार केन विलियमसन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से तत्काल प्रभाव से संन्यास की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही विश्व क्रिकेट के एक सुनहरे और बेहद शालीन युग का अंत हो गया है। 35 वर्षीय विलियमसन ने यह फैसला इंग्लैंड के खिलाफ जारी मौजूदा टेस्ट सीरीज के बीच में लिया है, जिसके कारण वह श्रृंखला के बाकी मैचों में हिस्सा नहीं लेंगे।
साल 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले विलियमसन ने अपने 16 साल लंबे चमकीले करियर में न्यूजीलैंड के लिए कई ऐसे कीर्तिमान स्थापित किए, जिन्हें तोड़ पाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। वह कीवी टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन (19,346) बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में विदा ले रहे हैं।
अचानक खेल को अलविदा कहने के अपने फैसले पर बात करते हुए विलियमसन ने कहा, मैं पिछले कुछ समय से इस बारे में गहराई से सोच रहा था। पिछले कुछ दिनों में मेरे भीतर यह पूरी तरह साफ हो गया कि इस बड़े फैसले के लिए यही सबसे सही समय है। मैंने हमेशा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ खेलने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा प्रदर्शन करने की एक खास भूख के साथ मैदान पर कदम रखा। मुझे इस बात का बेहद गर्व है कि मैंने न्यूजीलैंड की जर्सी पहनकर खेले हर एक मुकाबले में अपना सब कुछ झोंक दिया।
"It's a team I love and it's so dear to my heart"
Thank you for the memories, Kane 🖤🤍 pic.twitter.com/u1qBOMEfzy
— BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 12, 2026
विलियमसन ने न्यूजीलैंड के लिए तीनों प्रारूपों को मिलाकर कुल 378 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 19,346 रन बनाए। उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 48 शतक और 6 शानदार दोहरे शतक दर्ज हैं। बता दें कि पिछले साल नवंबर में उन्होंने टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया था और अब उन्होंने टेस्ट व वनडे को भी अलविदा कह दिया है।
केन विलियमसन को न सिर्फ उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी, बल्कि उनकी कूल और प्रेरणादायी कप्तानी व अद्वितीय नेतृत्व शैली के लिए भी हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने साल 2016 से 2024 के बीच न्यूजीलैंड क्रिकेट को एक नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी कप्तानी में कीवी टीम ने दो बार आईसीसी वनडे विश्व कप (2019 का ऐतिहासिक फाइनल) के फाइनल और तीन बार सेमीफाइनल का सफर तय किया। उनके नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धि साल 2021 में भारत को हराकर पहली आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) का खिताब जीतना रही। उनके जाने से न सिर्फ न्यूजीलैंड, बल्कि वैश्विक क्रिकेट जगत में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है।