स्वतंत्रनिर्भीक पत्रकारिता
BREAKING NEWS
गोरखपुर-शकूरबस्ती और बढ़नी-जालंधर के बीच चलेंगी पूजा स्पेशल, दिल्ली-पंजाब के यात्रियों को मिलेगी सुविधामुक्केबाज सचिन सिवाच क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, पदक से अब एक जीत दूरमिनर्वा पब्लिक स्कूल ने 65वें सुब्रतो कप के जूनियर वर्ग का खिताब जीतास्क्वॉश में भारत की चमक, जोशना-अनाहत-अभय ने पक्के किए तीन पदकभारतीय महिला हॉकी टीम का विजय अभियान जारी, जापान को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगहकबड्डी में भारत का दबदबा, पुरुष-महिला टीमें फाइनल में, स्वर्ण से एक जीत दूरकमलजीत-सुरुचि ने साधा स्वर्णिम निशाना, राइफल थ्री पोजिशन टीम ने जीता रजतलखनऊ जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप 29 सितंबर से, लगभग 300 खिलाड़ी लेंगे हिस्सायूपी को 2029 तक नशामुक्त बनाएगे: डीजीपी12 हजार करोड़ की परियोजनाओं से लखनऊ के विकास को नई रफ्तार: डॉ. राजेश्वर सिंहगोरखपुर-शकूरबस्ती और बढ़नी-जालंधर के बीच चलेंगी पूजा स्पेशल, दिल्ली-पंजाब के यात्रियों को मिलेगी सुविधामुक्केबाज सचिन सिवाच क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, पदक से अब एक जीत दूरमिनर्वा पब्लिक स्कूल ने 65वें सुब्रतो कप के जूनियर वर्ग का खिताब जीतास्क्वॉश में भारत की चमक, जोशना-अनाहत-अभय ने पक्के किए तीन पदकभारतीय महिला हॉकी टीम का विजय अभियान जारी, जापान को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगहकबड्डी में भारत का दबदबा, पुरुष-महिला टीमें फाइनल में, स्वर्ण से एक जीत दूरकमलजीत-सुरुचि ने साधा स्वर्णिम निशाना, राइफल थ्री पोजिशन टीम ने जीता रजतलखनऊ जिला बैडमिंटन चैंपियनशिप 29 सितंबर से, लगभग 300 खिलाड़ी लेंगे हिस्सायूपी को 2029 तक नशामुक्त बनाएगे: डीजीपी12 हजार करोड़ की परियोजनाओं से लखनऊ के विकास को नई रफ्तार: डॉ. राजेश्वर सिंह

ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति रही बाधित

ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति रही बाधित

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। अमौसी स्थित इंडियन ऑयल एलपीजी गैस बॉटलिंग प्लांट के ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर गुरुवार सुबह छह बजे वाहनों का चक्का जाम कर हड़ताल शुरू कर दी। ट्रांसपोर्टरों के हड़ताल पर जाने से लखनऊ शहर की 62 इंडियन ऑयल गैस एजेंसियों पर एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई। दिनभर सिलेंडरों की उठान नहीं होने से गैस एजेंसियों के संचालन पर भी असर पड़ा। अपनी ट्रकों का चक्का जाम कर हड़ताल कर रहे ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि करीब तीन वर्ष पहले हुए टेंडर के दौरान इंडियन ऑयल कंपनी की ओर से प्रत्येक ट्रक को प्रतिमाह करीब 2.45 लाख रुपए का काम देने की बात कही गई थी। लेकिन वर्तमान में मुश्किल से एक से सवा लाख रुपए का ही काम मिल पा रहा है।

उनका कहना है कि इतनी कम आय में वाहन का खर्च, चालक का वेतन, डीजल और अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। कई ट्रांसपोर्टर वाहनों की किस्त तक नहीं जमा कर पा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक पहले अमौसी प्लांट से लखनऊ के साथ ही आसपास के कई जिलों की गैस एजेंसियों के लिए भी सिलेंडर भेजे जाते थे। इससे वाहनों को पर्याप्त काम मिल जाता था। आरोप है कि अब प्लांट से दूसरे जिलों के लोड बंद कर दिए गए हैं और अधिकांश वाहनों को केवल लखनऊ शहर की एजेंसियों के लिए ही भेजा जा रहा है।

इससे काम की मात्रा काफी कम हो गई है। उन्होंने बताया कि पहले जहां वाहनों को नियमित रूप से लोड मिलता था, वहीं अब तीन से चार दिन बाद एक लोड मिल पा रहा है। इतना ही नहीं, कई बार एजेंसी पर सिलेंडर लेकर पहुंचने के बाद वाहन को दो-दो दिन तक खाली नहीं किया जाता। इस दौरान वाहन वहीं खड़ा रहता है और ट्रांसपोर्टरों को अतिरिक्त आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि अमौसी प्लांट में करीब 132 वाहन लगे हुए हैं, जिनके माध्यम से विभिन्न गैस एजेंसियों तक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति की जाती है।

उधर सुबह से चक्का जाम के बाद दोपहर में ट्रांसपोर्टरों और इंडियन ऑयल एलपीजी प्लांट के मैनेजर जेपी सिंह के बीच काफी देर तक वार्ता हुई। प्लांट मैनेजर ने ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास करने का आश्वासन देते हुए सिलेंडरों की उठान शुरू करने की अपील की। लेकिन ट्रांसपोर्टर अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने कहा कि जब तक टेंडर के दौरान किए गए वादे के अनुसार पर्याप्त काम उपलब्ध कराने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे वाहनों से सिलेंडरों की उठान नहीं चालू करेंगे। फिलहाल काफी देर तक चली वार्ता के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका। इसके चलते शाम तक ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल जारी रही। हड़ताल के कारण लखनऊ की 62 इंडियन ऑयल गैस एजेंसियों पर सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित रही।

साझा करें:fxw
हर खबर, हर पल — जुड़े रहें!हर बड़ी खबर सबसे पहले पाने के लिए हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें