कबड्डी में भारत का दबदबा, पुरुष-महिला टीमें फाइनल में, स्वर्ण से एक जीत दूर
मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि पुरुष टीम ने थाईलैंड को 66-28 से शिकस्त दी।

नागोया। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमों ने एशियाई खेलों में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को फाइनल में जगह बना ली। दोनों टीमों ने सेमीफाइनल मुकाबलों में एकतरफा जीत दर्ज की और अब उनके सामने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक बरकरार रखने की चुनौती होगी। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि पुरुष टीम ने थाईलैंड को 66-28 से शिकस्त दी।
महिला टीम के लिए यह जीत खास रही, क्योंकि अब वह लगातार चौथी बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से केवल एक जीत दूर है। भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही नेपाल पर दबाव बनाए रखा। पहले हाफ में भारत ने 31-17 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। इस दौरान टीम ने चार बार ऑल-आउट किया और चार बोनस अंक भी हासिल किए।
दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। नेपाल की टीम भारत की आक्रामक रणनीति का प्रभावी जवाब नहीं दे सकी और पूरे दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा पाई। भारत ने अपनी बढ़त का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए 48-24 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
फाइनल तक पहुंचने के सफर में भारतीय महिला टीम ने ग्रुप चरण में भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। उसने ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराकर अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की थी। अब फाइनल में भारत का सामना ईरान और चीनी ताइपे के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
पुरुष टीम ने थाईलैंड को 66-28 से हराया
पुरुष वर्ग के सेमीफाइनल में भी भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला। मौजूदा चैंपियन भारत ने थाईलैंड को 66-28 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय टीम ने पहले हाफ में ही 37-18 की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भी खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और थाईलैंड को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
भारतीय टीम और थाईलैंड के बीच प्रतिभा और अनुभव का अंतर पूरे मुकाबले में साफ दिखाई दिया। भारत ने कुल 15 बोनस अंक हासिल किए, जबकि थाईलैंड की टीम केवल पांच बोनस अंक ही जुटा सकी। भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार सफल रेड और मजबूत डिफेंस के दम पर अपनी बढ़त को कायम रखा और अंत में 38 अंकों के अंतर से मुकाबला जीत लिया।
पुरुष टीम के फाइनल में भी भारत का सामना ईरान और चीनी ताइपे के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से होगा। भारतीय टीम की नजर अब एशियाई खेलों में अपना नौवां स्वर्ण पदक जीतने पर है।
महिला कबड्डी में भारत का दबदबा
महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इस स्पर्धा में लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है। भारतीय महिला टीम ने अब तक तीन स्वर्ण पदक जीते हैं और इस बार चौथे स्वर्ण पदक के लिए उतरेगी।
दूसरी ओर, पुरुष कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक आठ स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। एशियाई खेलों में भारत के अलावा केवल ईरान ही पुरुष कबड्डी में स्वर्ण पदक जीतने वाला दूसरा देश रहा है। ईरान ने 2018 में चैंपियन बनकर भारत के लंबे दबदबे को तोड़ा था। उस प्रतियोगिता में भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।
अब नागोया में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमें फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी। सेमीफाइनल में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद दोनों टीमों के पास अपने खिताब का सफल बचाव करने का मौका है। फाइनल में उनके सामने ईरान या चीनी ताइपे की चुनौती होगी। देश की नजरें अब कबड्डी में दोनों स्वर्ण पदकों पर टिकी हैं।



