स्क्वॉश में भारत की चमक, जोशना-अनाहत-अभय ने पक्के किए तीन पदक
जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी के अलावा अनाहत सिंह और अभय सिंह ने अपनी-अपनी एकल स्पर्धाओं के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

नागोया। भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी के अलावा अनाहत सिंह और अभय सिंह ने अपनी-अपनी एकल स्पर्धाओं के सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में उतरे सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को सीधे गेम में 11-3, 11-5 से हराया। भारतीय जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में मुकाबला अपने नाम कर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने नागोया के किंजो फुतो परिसर में शुरू से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। दोनों तमिलनाडु के रहने वाले हैं और उन्होंने कोर्ट पर एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। पहला गेम भारतीय जोड़ी ने महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए 11-5 से गेम और मुकाबला अपने नाम कर लिया।
अब भारतीय जोड़ी का सामना शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की जोड़ी से होगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही जोशना ने एशियाई खेलों में अपना छठा पदक पक्का कर लिया है। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं।जोशना ने 2018 में महिला एकल में कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया था।
जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था।
अनाहत ने हमवतन तन्वी को हराया
महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में अपनी हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। अनाहत ने पूरे मुकाबले में आक्रामक खेल दिखाया और तन्वी को ज्यादा मौके नहीं दिए।अनाहत अब सेमीफाइनल में पदक के लिए चुनौती पेश करेंगी। उनकी नजर इस प्रदर्शन के जरिए 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने पर भी है। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे। स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनने जा रहा है।
अभय सिंह भी अंतिम चार में
पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अब उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा।इरफान ने क्वार्टर फाइनल में भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट तक चले मुकाबले में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। ऐसे में अभय और इरफान के बीच होने वाला सेमीफाइनल मुकाबला भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के कारण भी खास होगा।
रणनीति पर अमल से मिली जीत
मिश्रित युगल मुकाबले के बाद जोशना ने कहा कि अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा विशेष होता है और यही उनके पूरे करियर की प्रेरणा रही है। उन्होंने बताया कि वह काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हैं और एशियाई खेलों से पहले भी अमेरिका में अभ्यास कर रही थीं। इसके अलावा वह चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी सभी कोचों के साथ प्रशिक्षण लेती हैं।जोशना ने बताया कि एशियाई खेलों से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ अमेरिका में प्रशिक्षण लिया था।
अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि दोनों ने मैच से पहले तैयार की गई रणनीति को पूरी तरह लागू किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया और दोनों खिलाड़ियों ने अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाई।
सेंथिलकुमार ने बताया कि उन्होंने अपने फिलीपींस के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले कभी मुकाबला नहीं खेला था। इसलिए दोनों ने उनके पिछले मैचों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर रणनीति तैयार की। यह रणनीति कोर्ट पर सफल रही और भारतीय जोड़ी ने सीधे गेम में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली।



