सीलिंग के दौरान महिला की एलडीए अधिकारियों से झड़प, बिना नोटिस कार्रवाई का लगाया आरोप
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर हुए अवैध व्यावसायिक निर्माणों के खिलाफ एलडीए ने कार्रवाई तेज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट की टीम के प्रस्तावित निरीक्षण से पहले मंगलवार को प्राधिकरण की टीम ने क्षेत्र में सात अवैध इमारतों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान एक महिला की एलडीए अधिकारियों से झड़प हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि उसे कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और सीलिंग के दौरान ही इमारत पर नोटिस चस्पा की गई। गौरतलब हो कि अलीगंज के आवासीय क्षेत्र में बनी तिमंजिला अवैध इमारत में गत 22 जून को आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद एलडीए ने शहर में अवैध निर्माण और नियमों के विपरीत संचालित कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचने पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एलडीए से अलीगंज में आवासीय जमीन पर हुए अवैध निर्माणों का ब्योरा मांगा था। एलडीए ने गत सात अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भू-उपयोग वाली जमीन पर 51 व्यावसायिक अवैध भवन चिन्हित किए गए हैं। कोर्ट ने इन भवनों पर की गई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे।
साथ ही अलीगंज में अवैध निर्माणों के सर्वे के लिए अपनी टीम भेजने की बात कही थी। पांच सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की टीम अलीगंज में अवैध निर्माणों का निरीक्षण करेगी। इससे पहले हुई सात इमारतों की सीलिंग को कार्रवाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब मड़ियांव-सीतापुर रोड पर भी चलेगी कार्रवाई
अलीगंज के बाद अब मड़ियांव-सीतापुर रोड पर भी आवासीय भवनों में कथित तौर पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने का मामला सामने आया है। ताड़ीखाना-भारत नगर क्षेत्र में कई अवैध गोदाम चलने की चर्चा है, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक सामान के गोदाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ गोदामों को एलडीए पहले ही सील कर चुका है, इसके बावजूद कथित तौर पर उनका व्यावसायिक उपयोग जारी है। सीलिंग के बाद भी गतिविधियां जारी रहने से एलडीए की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं।