सरायन का रौद्र रूप, खतरे के निशान से 90 सेमी ऊपर पहुंचा पानी

- आठ मोहल्लों में बाढ़, दो हजार से अधिक परिवार प्रभावित, घरों में घुसा पानी, रास्ते जलमग्न
पायनियर संवाददाता।सीतापुर
बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के बीच सरायन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को नदी का पानी खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर से अधिक ऊपर पहुंच गया। सुबह से जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नदी के बढ़ते जलस्तर से शहर के निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। आठ मोहल्लों में पानी पहुंचने से दो हजार से अधिक परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों में पानी घुस गया है, जबकि रास्ते जलमग्न होने से आवागमन भी प्रभावित है।
मुख्य बाजार से दुर्गापुरवा जाने वाला मार्ग पानी में डूब गया है। बट्सगंज में नदी किनारे बने बंधे से पानी निकलने के बाद एक दर्जन से अधिक घरों में पानी घुस गया। आलमनगर, नई बस्ती, दुर्गापुरवा, ताड़कनाथ मंदिर, तरीनपुर, शास्त्रीनगर, अहाताकप्तान और केशव ग्रीन सिटी में भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कई घरों के आसपास पानी जमा है और लोगों को आवाजाही में परेशानी उठानी पड़ रही है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने एसडीएम सदर डॉ. जनार्दन कुमार और प्रभारी ईओ सीमा सिंह समेत अधिकारियों के साथ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। डीएम ने जोखिम वाले घरों में रह रहे लोगों से सुरक्षित स्थानों और प्रशासन की ओर से बनाए गए रैन बसेरों में जाने की अपील की। केशव ग्रीन सिटी, तरीनपुर और शास्त्रीनगर में कुछ परिवार सामान चोरी होने की आशंका से घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इस पर डीएम और एसपी अंकुर अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि घर खाली करने की स्थिति में पुलिस सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त करेगी। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पुलिस ड्यूटी बढ़ाने और ड्रोन कैमरों से निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं।



