सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर CM योगी ने शुरू की 1,725 करोड़ की कौशल विकास योजना
यूपी बनेगा 'ग्लोबल मैनपावर हब'; लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झांसी व गौतमबुद्ध नगर में स्थापित होंगे अत्याधुनिक कौशल केंद्र

- प्रदेश 9 विशेष रोजगार जोन में विभाजित, हब-एंड-स्पोक मॉडल से गांवों और कस्बों के युवाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय ट्रेनिंग: एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी
- एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और विदेशी भाषाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण; पीपीपी मॉडल पर 3 वर्ष में विकसित होंगे केंद्र
- एक ही छत के नीचे ट्रेनिंग, हॉस्टल और प्लेसमेंट; विदेशों व बहुराष्ट्रीय कंपनियों में युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
लखनऊ । राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं पावन जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोक भवन सभागार में ₹1,725 करोड़ की लागत वाली महत्वाकांक्षी 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का विधिवत शुभारंभ किया। उत्तर प्रदेश को 'ग्लोबल मैनपावर हब' बनाने तथा प्रदेश के युवाओं को वैश्विक उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष करने के उद्देश्य से इस ऐतिहासिक योजना की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा योजना से संबंधित आधिकारिक पोर्टल का लोकार्पण किया गया तथा प्रथम चरण में 5 प्रमुख जनपदों गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी एवं गौतमबुद्ध नगर में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास केंद्रों का शिलान्यास संपन्न हुआ।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी एवं ओजस्वी नेतृत्व में यह योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं और औद्योगिक विकास के लिए युगांतकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि आज उद्योगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनकी आवश्यकता के अनुरूप हुनरमंद कार्यबल का न मिलना है, वहीं प्रतिभाशाली युवाओं को सही दिशा व आधुनिक प्रशिक्षण की दरकार रहती है। इसी 'स्किल गैप' को पाटने के लिए एमएसएमई विभाग ने यह अनूठी कार्ययोजना तैयार की है, जो युवाओं और उद्योगों के बीच के फासले को पूरी तरह समाप्त कर देगी।
एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि संपूर्ण प्रदेश के 75 जनपदों को 9 विशेष रोजगार जोन में विभाजित कर एक प्रभावी 'हब-एंड-स्पोक मॉडल' विकसित किया गया है। इसके माध्यम से हर जिले, कस्बे और सुदूर ग्रामीण अंचल के युवाओं को सीधे मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। चाहे अभ्यर्थी आर्ट्स, कॉमर्स, आईटीआई का हो या इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि का, प्रत्येक युवा को उसकी रुचि और योग्यता के अनुसार विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक बाजार की मांग को देखते हुए इन केंद्रों में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, डेटा साइंस जैसे अत्याधुनिक तकनीकी विषयों के साथ-साथ देशी एवं विदेशी भाषाओं (Foreign Languages) का भी गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों व प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी रोजगार के कीर्तिमान स्थापित कर सकेंगे।
मंत्री चौधरी ने बताया कि योजना को धरातल पर तीव्र गति से क्रियान्वित करने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) के तहत 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर' (DBFOT) मॉडल को अपनाया गया है। प्रथम चरण में एमएसएमई विभाग, गीडा (GIDA), ग्रेटर नोएडा, यीडा (YEIDA) और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) के सहयोग से इन आधुनिक परिसरों का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की शुचिता और गति बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है। मास्टर डेवलपर के लिए 3 वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, प्रशिक्षणार्थियों के सुगम आवागमन हेतु प्रत्येक कौशल केंद्र को 4-लेन सड़क के जरिए सीधे मुख्य राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों से जोड़ा जाएगा।
कौशल विकास केंद्रों के प्रारूप की जानकारी देते हुए मंत्री चौधरी ने बताया कि इन परिसरों में युवाओं के लिए अत्याधुनिक आवासीय हॉस्टल, स्मार्ट क्लासरूम्स और लैब्स के साथ-साथ इन-हाउस 'प्लेसमेंट सेल' एवं सेवायोजन कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। यानी एक ही छत के नीचे युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और वहीं से सीधे कंपनियों में रोजगार व नियुक्ति पत्र प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, जो युवा उद्यमिता की ओर बढ़ना चाहते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और मुद्रा योजना के माध्यम से आसान वित्तीय ऋण एवं टूलकिट सहायता भी सुनिश्चित कराई जाएगी।
समारोह के दौरान औद्योगिक घरानों व प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, एमएसएमई एवं यूपीएसआईसी के पूर्व प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दक्ष हुए युवाओं को विभिन्न कंपनियों के जॉब ऑफर लेटर/प्लेसमेंट पत्र तथा कारीगरों व उद्यमियों को टूलकिट एवं ऋण सहायता के चेक वितरित किए गए। समारोह में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर सहित विधायकगण, शासन व उद्योग जगत के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योगपति एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।



