साइबर अपराध से बचाव को छात्रों को किया जागरूक, 1930 पर शिकायत की दी जानकारी

पायनियर समाचार सेवा। हल्द्वानी। साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत पुलिस मुख्यालय स्तर से संचालित साइबर सुरक्षा अभियान-2.0 एवं ‘Cyber Saathi – A Joint Awareness Initiative’ के अंतर्गत नैनीताल पुलिस की साइबर क्राइम सेल ने बुधवार को विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव तथा डिजिटल सुरक्षा के उपाय बताए गए। अभियान के तहत थाना चोरगलिया क्षेत्र स्थित और कोतवाली काठगोदाम क्षेत्र स्थित स्कूलों में साइबर क्राइम सेल की टीम ने पीपीटी के माध्यम से साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। अ0उ0नि0 बिहारी लाल कुशवाहा के नेतृत्व में टीम ने फर्जी ऑनलाइन व पार्ट टाइम जॉब, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग एवं रिवार्ड स्कैम, फर्जी निवेश और ट्रेडिंग योजनाओं, यूपीआई/क्यूआर कोड फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग लिंक और संदिग्ध वेबसाइट व ऐप से सावधान रहने को कहा।
विद्यार्थियों को बताया गया कि साइबर ठग विश्वास, लालच, भय और जल्दबाजी का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। किसी अनजान कॉल, संदेश, लिंक, क्यूआर कोड या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन कार्रवाई न करने तथा ओटीपी, पिन और सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी साझा न करने की अपील की गई। साइबर क्राइम सेल ने विद्यार्थियों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने को कहा। साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर सूचना देने और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई। पुलिस ने संदेश दिया कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।



