एक बार पुनः कैंपियरगंज से ताल ठोकने की तैयारी में फतेबहादुर सिंह

गोरखपुर। प्रदेश के राजनीतिक बिसात पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में फतेहबहादुर सिंह ने लंबी सियासी पारी खेलते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है। दल बदले, सरकारें बदलीं और राजनीतिक समीकरण भी बदले, लेकिन उनका राजनीतिक सफर विजय श्री लगातार जारी रहा। कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत करने वाले फतेहबहादुर सिंह वर्तमान में भाजपा के टिकट पर कैम्पियरगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।5 अप्रैल 1969 को गोरखपुर जिले के चौमुखा गांव में जन्मे फतेहबहादुर सिंह के पिता स्वर्गीय वीर बहादुर सिंह थे। उन्होंने स्नातक और एमबीए की शिक्षा हासिल की। कृषि एवं व्यापार से जुड़े फतेहबहादुर सिंह ने वर्ष 1991 में महराजगंज जिले की पनियरा विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर पहली बार जीत दर्ज की। वर्ष 1996 में वह इसी सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए।लगातार दो चुनाव जीतने के बाद फतेहबहादुर सिंह को 27 अक्टूबर 1997 से 7 मार्च 2002 तक कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में औद्योगिक विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2002 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर पनियरा सीट से तीसरी बार जीत दर्ज की। इसी दौरान वह याचिका समिति के सदस्य भी रहे।फतेहबहादुर सिंह ने अपने राजनीतिक सफर में कांग्रेस, भाजपा, बसपा और निर्दलीय राजनीति का अनुभव हासिल किया। 11 अक्टूबर 2002 से 29 अगस्त 2003 तक मायावती मंत्रिमंडल में गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री के रूप में कार्य किया।पनियरा से लगातार तीन बार विधायक चुने जाने और दो अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी निभाने के बाद उनका राजनीतिक सफर कैम्पियरगंज तक पहुंचा। पूर्वांचल की राजनीति में उनकी पहचान लंबे अनुभव और बदलते सियासी समीकरणों के बीच सक्रिय बने रहने वाले नेता के रूप में है।
जनसमस्याओं के निराकरण और विकास कार्यों में रहे हमेशा सक्रिय
कैम्पियरगंज विधायक फतेहबहादुर सिंह ने क्षेत्रीय विकास और जनसमस्याओं के निराकरण में सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका राजनीतिक सफर विभिन्न दलों से जुड़ाव और चुनावी सफलताओं का साक्षी रहा है। उन्होंने कांग्रेस, भाजपा, बसपा और निर्दल समर्थित प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। वर्ष 2017-2018 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर का दायित्व संभाला। विधायक से लेकर विधानसभा के महत्वपूर्ण पद तक का उनका सफर लंबे राजनीतिक अनुभव को दर्शाता है। क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में उनकी सक्रियता ने उन्हें पूर्वांचल की राजनीति में विशिष्ट पहचान दिलाई है।
पूर्वांचल की सियासत में रहा दबदबा, सात बार बने विधायक
पूर्वांचल की राजनीति में फतेहबहादुर सिंह ने अपनी मजबूत पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव के दम पर अलग पहचान बनाई है। वह अब तक सात बार विधायक चुने जा चुके हैं। इनमें चार बार महराजगंज जिले की पनियरा विधानसभा सीट और तीन बार गोरखपुर की कैम्पियरगंज सीट से जीत शामिल है। लगातार चुनावी सफलताओं ने उन्हें क्षेत्रीय राजनीति का प्रमुख चेहरा बनाया है। बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अपनी सियासी जमीन कायम रखने वाले फतेहबहादुर सिंह का राजनीतिक सफर पूर्वांचल में उनके प्रभाव और सक्रियता को रेखांकित करता है।



