उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अभी से अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की लगातार तीसरी बार सत्ता वापसी सुनिश्चित करने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, भागवत ने संघ के सभी स्तर के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर अभी से जुटने और संगठन को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि आरएसएस प्रमुख उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते। खास तौर पर विपक्षी दलों द्वारा जातीय समीकरणों के आधार पर बनाई जा रही रणनीतियों का जवाब देने के लिए संघ कैडर को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं। संघ कार्यकर्ताओं से कहा गया है कि वे समाज में जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की विचारधारा को मजबूत करें।गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समीकरण को मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में RSS सामाजिक समरसता और हिंदुत्व के मुद्दे को केंद्र में रखकर अपनी रणनीति आगे बढ़ा रहा है।
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मोहन भागवत पिछले तीन दिनों से लखनऊ प्रवास पर थे। हालांकि इस दौरान उन्होंने बीजेपी नेताओं से मुलाकात नहीं की, लेकिन संघ के विभिन्न स्तर के कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षु स्वयंसेवकों के साथ लगातार बैठकें कीं। निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने संगठन विस्तार, अनुशासन और सामाजिक समरसता पर जोर दिया।
सूत्रों के अनुसार, भागवत ने कहा कि समाज में जातिगत भेदभाव खत्म कर सभी वर्गों को साथ लेकर चलना जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर जाति और समुदाय का सम्मान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्तर पर भेदभाव की भावना न पनपे।
अपने संबोधन में संघ प्रमुख ने परिवार व्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को भी अहम बताया। “कुटुंब प्रबोधन” अभियान के तहत उन्होंने कार्यकर्ताओं से परिवारों तक पहुंचने, बच्चों में संस्कार विकसित करने और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने संयुक्त परिवार व्यवस्था को भारतीय समाज की ताकत बताते हुए न्यूक्लियर फैमिली के बढ़ते चलन पर चिंता जताई।
पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी भागवत के संबोधन का अहम हिस्सा रहा। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते पर्यावरण और बढ़ते तापमान को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने और प्रकृति संरक्षण की दिशा में काम करने की जरूरत है।
सूत्रों के मुताबिक, संघ की बैठकों में महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक आर्थिक मंदी जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं को यह समझाने के निर्देश दिए गए कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत में इसका प्रभाव कई देशों की तुलना में कम है।
इसके अलावा संघ प्रमुख ने RSS, बीजेपी और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया। बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई समन्वय बैठकों में लिए गए फैसलों की समीक्षा भी की गई।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 का चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में बीजेपी और RSS दोनों ही संगठनात्मक स्तर पर अभी से पूरी ताकत झोंकते नजर आ रहे हैं। आने वाले महीनों में संघ की गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।










