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एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर डीएमआरसी ने रखा 58 मीटर लंबा स्टील स्पैन

नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी के आगे बन रही रिवर्सल सुविधा बिना ट्रैफिक रोके पूरा किया गया चुनौतीपूर्ण काम पायनियर समाचार सेवा नई दिल्ली/नोएडा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ब्लू लाइन के नोएडा…

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एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर डीएमआरसी ने रखा 58 मीटर लंबा स्टील स्पैन
  • नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी के आगे बन रही रिवर्सल सुविधा
  • बिना ट्रैफिक रोके पूरा किया गया चुनौतीपूर्ण काम

पायनियर समाचार सेवा
नई दिल्ली/नोएडा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ब्लू लाइन के नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन के आगे एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर 58 मीटर लंबा स्टील स्पैन सफलतापूर्वक स्थापित किया है। खास बात यह रही कि इस पूरे काम के दौरान नीचे चल रहे यातायात में किसी तरह की बाधा नहीं आई।
नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी के आगे मेट्रो ट्रेनों के संचालन को और सुगम बनाने के लिए रिवर्सल सुविधा का निर्माण किया जा रहा है। इस सुविधा के लिए 58 मीटर और 73 मीटर लंबे दो विशेष स्टील स्पैन लगाए जाने हैं। दोनों स्पैन एन-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजरेंगे। इनमें 58.216 मीटर लंबे स्पैन को पियर संख्या 384 और 385 के बीच स्थापित कर दिया गया है, जबकि दूसरे 73 मीटर लंबे स्पैन को आने वाले महीनों में लगाया जाएगा।

दो दिन लगातार चला काम
डीएमआरसी के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण कार्य को 20 जुलाई की दोपहर से 22 जुलाई की सुबह तक लगातार दिन-रात पूरा किया गया। इसके लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे के विशेष स्थानों पर ट्रसल ढांचे तैयार किए गए। इन पर बीम स्थापित करने के बाद विंच मशीनों की मदद से प्री-कास्ट स्टील स्पैन को धीरे-धीरे खींचकर निर्धारित स्थान तक पहुंचाया गया। स्पैन को इंदिरापुरम की ओर से बीम पर रखा गया और फिर नोएडा सिटी साइट की ओर खींचकर स्थापित किया गया। यह स्पैन सड़क और एक्सप्रेसवे से करीब 14 मीटर की ऊंचाई पर लगाया गया है। कार्य की चुनौती इसलिए भी अधिक थी क्योंकि स्पैन को पियर 384 के पास चालू हाई-वोल्टेज ओवरहेड लाइन के नीचे से भी गुजारना था। डीएमआरसी के इंजीनियरों ने महीनों की योजना, विस्तृत डिजाइन और सटीक निगरानी के बाद इस काम को अंजाम दिया।

साल के अंत तक पूरा होगा सिविल कार्य
रिवर्सल सुविधा का सिविल निर्माण कार्य इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद ट्रैक बिछाने और बिजली से जुड़े अन्य कार्य किए जाएंगे। डीएमआरसी के इंजीनियरों ने पूरे अभियान के दौरान चौबीसों घंटे निगरानी रखी, ताकि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से चलता रहे।
डीएमआरसी इससे पहले भी दिल्ली-एनसीआर में व्यस्त सड़कों और महत्वपूर्ण चौराहों के ऊपर चुनौतीपूर्ण निर्माण कार्य कर चुका है। मूलचंद चौराहे पर मेट्रो ब्रिज और धौला कुआं चौराहे पर एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तथा पिंक लाइन के वायडक्ट इसके प्रमुख उदाहरण हैं। हालांकि, यह संभवत: पहला अवसर है जब दिल्ली मेट्रो का वायडक्ट किसी चालू एक्सप्रेसवे के ऊपर से गुजारा गया है।