वैभव दीक्षित। संदना/सीतापुर
बीएससी छात्रा मानसी हत्याकांड ने रविवार को पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। पोस्टमार्टम के बाद जब छात्रा के अवशेष उसके पैतृक गांव पहुंचे तो परिजनों और ग्रामीणों का दर्द आक्रोश में बदल गया। बेटी के शव की जगह बोरे में रखे अवशेष देखकर परिवार बिलख उठा। गांव में शोक और गुस्से का माहौल बन गया। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ फांसी की सजा, उसके मकान पर बुलडोजर चलाने और मामले की त्वरित सुनवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उनके समर्थन में जुट गए। लोगों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो शायद बेटी का पूरा शव बरामद हो सकता था। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
एसडीएम मिश्रिख समेत अन्य अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता की। कई घंटे तक चली बातचीत के दौरान अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच, आर्थिक सहायता और आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। रविवार दोपहर करीब 12 बजे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच मानसी का अंतिम संस्कार कराया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पूरे गांव की आंखें नम थीं। लोगों का कहना था कि जिस बेटी के उज्ज्वल भविष्य के सपने देखे जा रहे थे, उसे इतनी दर्दनाक मौत मिली कि परिवार को अंतिम दर्शन तक नसीब नहीं हो सके। अंतिम संस्कार के दौरान क्षेत्राधिकारी मिश्रिख, कमलापुर, मछरेहटा और सिधौली सर्किल की पुलिस टीम, विधायक रामकृष्ण भार्गव, रामगढ़ गन्ना समिति के चेयरमैन रामगोपाल अवस्थी समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और दोषी को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल गांव में शोक और तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रेमी की निशानदेही पर मिले केवल दो हड्डियां और बाल
सीतापुर। लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र में आरोपी की निशानदेही पर पुलिस को छात्रा के केवल दो हड्डियां और कुछ बाल मिले। पिता ने कपड़ों और चप्पलों के आधार पर बेटी की पहचान की। पोस्टमार्टम के बाद हड्डियों और बालों के नमूने डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि अवशेष अत्यंत कम होने के कारण मौत की सटीक वजह का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
10 दिन जंगल में पड़े रहे अवशेष, जानवरों ने नोच डाला शव
सीतापुर। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद शव कई दिनों तक जंगल में पड़ा रहा। लंबे समय तक खुले में रहने के कारण जंगली जानवरों ने शव को क्षत-विक्षत कर दिया। मौके से केवल जंघे और कोहनी की हड्डी के कुछ हिस्से तथा बाल ही बरामद हो सके। इस स्थिति ने परिजनों के दुख को और बढ़ा दिया।
पुलिस ने फोटो और वीडियो हटाने का लगाया आरोप
सीतापुर। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर मिले अवशेषों की उन्होंने मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाए थे, लेकिन पुलिस ने उनका मोबाइल लेकर वह सामग्री हटा दी। पिता का कहना है कि ऐसा क्यों किया गया, इसकी कोई स्पष्ट वजह उन्हें नहीं बताई गई।
अंतिम संस्कार के लिए मिले केवल कुछ बाल
पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए छात्रा के केवल कुछ बाल ही सौंपे गए। हड्डियों और अन्य नमूनों को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया। बेटी के अवशेष न मिलने का दर्द परिजनों के लिए सबसे बड़ा सदमा बन गया।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद गांव में बढ़ाई गई सुरक्षा
सीतापुर। शनिवार को पुलिस ने आरोपी प्रेमी विशाल पाल को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगने के बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। गिरफ्तारी के बाद गांव में तनाव की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई।
ड्रोन कैमरों से रखी गई पूरे कस्बे पर नजर
सीतापुर। शव के गांव पहुंचने और अंतिम संस्कार तक पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। देर रात तक ड्रोन कैमरों की मदद से कस्बे और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जाती रही। पुलिस हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
बुलडोजर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे परिजन
सीतापुर। पीड़ित परिवार और ग्रामीण आरोपी के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस मुद्दे को लेकर परिजनों और प्रशासन के बीच कई घंटे तक बातचीत चली। अधिकारियों ने कानून के दायरे में रहकर कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
प्रशासन ने दी आर्थिक सहायता का आश्वासन
सीतापुर। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को दो किस्तों में कुल 8 लाख 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साथ ही आरोपी के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।
क्या कहती है पुलिस
अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह ने बताया मामले की जांच लगातार जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









