प्रयागराज में जमीन के नीचे दबे मिले नोटों से भरे ड्रम, 60 करोड़ रुपये की आशंका; पुलिस जांच में जुटी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक मकान के अंदर जमीन में दबाकर रखी गई भारी मात्रा में नकदी मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में पुलिस की तलाशी के दौरान जमीन के नीचे दबे ड्रमों से नोटों की गड्डियां मिलने की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, देर रात तक करीब चार करोड़ रुपये की गिनती किए जाने की जानकारी मिली थी। वहीं, बरामद नकदी की कुल राशि 60 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नोटों की पूरी गिनती और जांच के बाद ही बरामद रकम की वास्तविक जानकारी सामने आएगी। मामले में नकदी के स्रोत और उसे जमीन के नीचे छिपाकर रखने के कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
मकान में खोदाई के दौरान मिले नोटों से भरे ड्रम
पुलिस को बरईपुर रामनगर गांव स्थित एक मकान में जमीन के नीचे बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मकान की तलाशी शुरू की।
बताया जा रहा है कि तलाशी के दौरान मकान के कुछ हिस्सों में खोदाई कराई गई। इस दौरान जमीन के नीचे दबे बड़े ड्रम मिले। ड्रमों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर नोटों की गड्डियां रखी हुई थीं।
इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद बरामद नोटों की गिनती शुरू कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए नकदी से जुड़े दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच भी की जा रही है।
चार करोड़ रुपये की गिनती की चर्चा, 60 करोड़ से अधिक का दावा
मकान से बरामद नकदी की वास्तविक मात्रा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुधवार देर रात तक लगभग चार करोड़ रुपये की गिनती होने की जानकारी सामने आई थी। वहीं, कुछ सूत्रों के हवाले से कुल रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, 60 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिलने का दावा अभी आधिकारिक रूप से प्रमाणित नहीं है। बरामद रकम की पूरी गिनती होने के बाद ही वास्तविक आंकड़ा स्पष्ट होगा।
रिपोर्टों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने मामले की जानकारी आयकर विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को दिए जाने की बात कही है, ताकि नकदी के स्रोत और संभावित आर्थिक अनियमितताओं की जांच की जा सके।
पुणे की फर्म से नकदी लाने के दावे की जांच
इस मामले में नकदी कहां से आई, इसे लेकर भी कई तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं। शुरुआती रिपोर्टों में संबंधित परिवार के एक सदस्य का महाराष्ट्र के पुणे से संबंध होने की बात कही गई है।
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि परिवार का संबंध पुणे में काम करने वाली एक फर्म से रहा है और वहां से बड़ी रकम गांव लाई गई थी। वहीं, दूसरी जानकारी के अनुसार, परिवार का एक सदस्य वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान पुणे से गांव लौटा था।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इन जानकारियों की जांच कर रही है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि बरामद नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है और क्या इसका संबंध किसी संदिग्ध आर्थिक लेनदेन से है।
पारिवारिक विवाद के बाद सामने आया मामला?
नकदी बरामद होने के पीछे पारिवारिक विवाद की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि संबंधित परिवार में कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। इसी दौरान मकान में जमीन के नीचे नकदी छिपाकर रखे जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।
हालांकि, पारिवारिक विवाद और नकदी की बरामदगी के बीच संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर तथ्यों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जमीन और मकान की खरीद की जानकारी भी जांच के दायरे में
मामले में संबंधित परिवार की संपत्तियों को लेकर भी चर्चा हो रही है। स्थानीय स्तर पर किए जा रहे दावों के अनुसार, परिवार ने पिछले कुछ वर्षों में कृषि भूमि खरीदी और एक महंगा मकान भी बनवाया।
पुलिस जांच के दौरान इन संपत्तियों की खरीद, आर्थिक लेनदेन और नकदी के संभावित स्रोत से संबंधित जानकारियों की पड़ताल की जा सकती है। हालांकि, जमीन या मकान खरीदना अपने आप में किसी अपराध का प्रमाण नहीं है। मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए ठोस साक्ष्य और संबंधित दस्तावेजों की जांच जरूरी होगी।
डीसीपी सोनम कुमार ने नकदी बरामद होने की पुष्टि की
डीसीपी गंगापार सोनम कुमार ने बरईपुर रामनगर स्थित मकान से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की पुष्टि की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने बताया कि नोटों की गिनती पूरी होने के बाद ही कुल बरामद रकम का सही आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस नकदी के स्रोत, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और मामले के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आयकर विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है।
गांव में मची हलचल, जांच पूरी होने का इंतजार
मकान के अंदर जमीन से नोटों से भरे ड्रम निकलने की खबर फैलते ही गांव में चर्चा तेज हो गई। पुलिस की कार्रवाई और अधिकारियों की आवाजाही के बीच घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी।
ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी बड़ी रकम मकान के अंदर जमीन में क्यों छिपाकर रखी गई थी। हालांकि, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल मामले में नकदी की कुल राशि और उसके स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की जांच, नोटों की गिनती और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही पता चलेगा कि वास्तव में कितनी रकम बरामद हुई और उसे जमीन के नीचे छिपाकर रखने के पीछे क्या वजह थी।



