पटमेश्वरी माता के दर्शन से भक्तों की पूरी होती हैं मनोकामनाएं
मेहनौन की माता पटमेश्वरी मंदिर पर नवरात्रि पर उमड़ी रही भीड़

गोण्डा। जिले के इटियाथोक ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत मेहनौन ग्राम सभा में स्थित माता पटमेश्वरी मंदिर पर नवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। दूर दराज क्षेत्र से आये हजारों भक्तों ने यहां पहुंचकर देवी दर्शन के साथ पूजन अर्चन किया। बता दे कि यह मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। ऐसी मान्यता है कि आतताई राजा बाकड़ इस क्षेत्र में नवविवाहिताओं का पालकीहरण कर लेता था। उसके आतंक से मां पटमेंश्वरी स्वयं नारी के रूप में प्रकट होकर उसका वध किया था। एक अन्य अति प्राचीन कथा के अनुसार माता सती के साथ भगवान शिव एक रात्रि इसी पावन गुप्त स्थान पर विश्राम किए थे। फिर प्रात: काल अगस्त ऋषि के आश्रम में श्रीराम कथा श्रवण हेतु प्रस्थान किए थे। तब इस स्थान का नाम गुप्तेश्वरी देवी था, लेकिन आज यह मां पटमेश्वरी देवी के नाम से विख है।
साल के दोनों प्रमुख नवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है। ऐसी मान्यता है कि सोमवार व शुक्रवार को सूर्योदय के पहले यहाँ भक्त दर्शन एवं पूजन करके मन वांछित फल प्राप्त करते हैं। मंदिर के पुजारी पंडित शारदा प्रसाद पांडेय ने बताया कि माता पटमेश्वरी ने सम्पूर्ण क्षेत्र को अपने आशीर्वाद से अभिसिंचित किया है। कोई भी मांगलिक कार्यक्रम बगैर माता के मंदिर आये और इनके आशीर्वाद लिए पूर्ण नहीं होता है। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान यहां भारी भीड़ होती है और मेला लगता है। यह स्थान सिद्धपीठ है, भक्तों को यहाँ कभी निराशा नही होती है।
उनकी मनोकामना माता अवश्य पूर्ण करती है। यहां की महिला ग्राम प्रधानध् प्रशासक मेहनौन गरिमा सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं और भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए यहां हाट बाजÞार का निर्माण कराया गया है तथा क्षेत्रीय विधायक विनय द्विवेदी के सहयोग से पर्यटन विभाग द्वारा और भी विकास कार्य किया जा रहा है।
विशेष रूप से सफÞाईकर्मियों की यहां तैनाती कराई गई है, जो पूरे नवरात्रभर मंदिर पर मौजूद रहेंगे। प्रधान पति रामू सिंह ने कहा कि माता की कृपा से इस क्षेत्र में कोई बड़ी आपदा व विपदा नही आती है, प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार सहित नवरात्र में यहाँ भक्तों का तांता लगा रहता है।



