423 वर्ष पुरानी भगवान शालिग्राम की शोभायात्रा धूमधाम से संपन्न, उमड़े हजारों श्रद्धालु

- गोस्वामी तुलसीदास जी के चबूतरे पर हुए भगवान के दर्शन, रात दो बजे तक सजी रहीं संगीत और झांकियां
पायनियर संवाददाता।जगम्मनपुर (जालौन)
ऐतिहासिक एवं धार्मिक परंपरा को जीवंत बनाए रखने वाली भगवान शालिग्राम की 423 वर्ष पुरानी शोभायात्रा रविवार को जगम्मनपुर में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। जगम्मनपुर किले से निकली भव्य शोभायात्रा में करीब दो हजार श्रद्धालु शामिल हुए। नगर भ्रमण के बाद भगवान शालिग्राम को बाजार स्थित गोस्वामी तुलसीदास जी के चबूतरे पर आम दर्शनार्थ विराजमान कराया गया। यहां हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रसाद चढ़ाया। धार्मिक आयोजन देर रात तक चलता रहा।
शोभायात्रा रविवार शाम करीब 7.30 बजे जगम्मनपुर किले से प्रारंभ हुई। भगवान लक्ष्मीनारायण के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु नगर भ्रमण के दौरान यात्रा के साथ चलते रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान का स्वागत किया। शोभायात्रा में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के दौरान ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह सेंगर ने रंगमंच का उद्घाटन किया। इसके बाद संगीत और आकर्षक धार्मिक झांकियों का आयोजन हुआ, जो रात करीब दो बजे तक चलता रहा।
जगम्मनपुर किला राजवंश की मान्यता के अनुसार, भगवान शालिग्राम की शोभायात्रा की परंपरा महाराजा उदोतशाह के समय से चली आ रही है। परंपरा के अनुसार, गोस्वामी तुलसीदास जी ने महाराजा उदोतशाह को भगवान शालिग्राम की शिला, एकमुखी रुद्राक्ष और दक्षिणावर्ती शंख भेंट किए थे। साथ ही प्रतिवर्ष आश्विन शुक्ल चतुर्दशी को भगवान को किले से बाहर लाकर सार्वजनिक रूप से दर्शन कराने की परंपरा शुरू हुई, जिसका आज भी निर्वहन किया जा रहा है।
शोभायात्रा और धार्मिक आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सक्रिय रही। रामपुरा थाना प्रभारी केपी सरोज के नेतृत्व में माधौगढ़ सर्किल के चारों थानों की पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन संपन्न होने पर श्रद्धालुओं ने भगवान शालिग्राम के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।



