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लंबित राजस्व मामले समय पर निपटाएं अधिकारी : जिलाधिकारी अतुल वत्स

पायनियर समाचार सेवा। हाथरस। आयोग संदर्भों एवं विभिन्न स्तरों पर लंबित जांच आख्याओं तथा राजस्व विभाग के अंतर्गत राजस्व न्यायालयों एवं विभिन्न धाराओं में योजित/लंबित वादों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व…

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लंबित राजस्व मामले समय पर निपटाएं अधिकारी : जिलाधिकारी अतुल वत्स

पायनियर समाचार सेवा। हाथरस। आयोग संदर्भों एवं विभिन्न स्तरों पर लंबित जांच आख्याओं तथा राजस्व विभाग के अंतर्गत राजस्व न्यायालयों एवं विभिन्न धाराओं में योजित/लंबित वादों की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में करते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व एवं भूमि संबंधी प्रकरणों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने आयोग संदर्भों एवं लंबित जांच प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि आयोग से संबंधित संदर्भ एवं जांच प्रकरण शासन एवं आयोग की प्राथमिकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं। ऐसे प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित जांच आख्याओं का नियमानुसार परीक्षण करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में संबंधित अभिलेखों एवं तथ्यों का गहन परीक्षण कर स्पष्ट एवं तथ्यपरक जांच आख्या तैयार की जाए। जांच आख्या में प्रकरण के तथ्य, की गई कार्यवाही एवं निष्कर्ष का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, जिससे निस्तारण में किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे। जिन प्रकरणों में किसी अन्य विभाग अथवा अधिकारी से सूचना या आख्या अपेक्षित है, उनमें तत्काल समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने पुराने एवं लंबे समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न तहसीलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित मामलों को विशेष प्राथमिकता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए उसकी प्रगति सुनिश्चित की जाए, जिससे आमजन को समय से न्याय उपलब्ध हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकरणों के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री तैयार किए जाने की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। तैयार की गई फार्मर रजिस्ट्री का खतौनी अभिलेखों से मिलान करते हुए पाई जाने वाली त्रुटियों का तत्काल सुधार कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के भूमि अभिलेखों की शुद्धता एवं पारदर्शिता बनाए रखने की दृष्टि से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन, वरासत, खसरा-खतौनी अभिलेखों के संधारण, भू-अभिलेख संशोधन, चकबंदी, भूमि आवंटन, अतिक्रमण संबंधी प्रकरणों तथा भू-राजस्व वसूली की प्रगति की भी समीक्षा की। भूमि विवादों से संबंधित मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि विवादों का त्वरित एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व अभिलेखों की शुद्धता एवं अद्यतन स्थिति बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसके लिए अभिलेखों के डिजिटलीकरण, नियमित सत्यापन एवं रिकॉर्ड के उचित संधारण पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में तेजी लाते हुए न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने शासन द्वारा संचालित विशेष राजस्व अभियानों को पूरी गंभीरता से संचालित करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनसंतुष्टि सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी न्यायिक, मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।