नारी सम्मान एवं प्रकृति संरक्षण है शारदीय नवरात्र

- शक्ति के बिना संसार की कल्पना नहीं की जा सकती
- शारदीय नवरात्र वास्तव में शक्ति तत्व का प्रतिपादन करने वाली है
रविवार से नवरात्र आरंभ होगी
शरन्महाष्टमी पूज्या नवमी संयुता सदा के अनुसार 19 तारीख को अष्टमी एवं नवमी एक साथ मनाए जाएंगे। विजयदशमी का पर्व 20 अक्टूबर को संपन्न होगा। भारतीय संस्कृति पूर्ण वैज्ञानिक एवं धार्मिक संस्कृति है।मानव शरीर भी नौ छिद्रों से युक्त है जो कि नौ प्रकार के विकार पैदा करता है। इन विकारों को दूर करने के लिए और शारीरिक शुद्धि हेतु नवधा भक्ति के माध्यम से 9 दिन तक व्रत किए जाते हैं। वर्षा की समाप्ति के बाद शरद में कई प्रकार के रोगों के बढ़ने की भी संभावना रहती हैं, इसलिए भी संतुलित आहार व व्रत का संदेश दिया गया है। कन्या पूजन के माध्यम से ही बेटी पढ़ाओ और नारी सशक्तिकरण जैसे कार्यक्रम सफल हो सकेंगे ।



