हरिद्वार से डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का आया जीएसटी नोटिस
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। जानकीपुरम निवासी एक युवती ने अपने पैन और आधार कार्ड के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए डीसीपी उत्तरी से एफआईआर दर्ज कराने की गुहार लगाई है। युवती का कहना है कि उसने कभी कोई व्यवसाय नहीं किया और न ही जीएसटी पंजीकरण कराया, इसके बावजूद हरिद्वार (उत्तराखंड) से उसके नाम पर करीब 1.51 करोड़ रुपए से अधिक के जीएसटी बकाये का नोटिस भेज दिया गया। अलीशा नगर, जानकीपुरम निवासी इशिता मिश्रा ने डीसीपी उत्तरी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह बी.कॉम स्नातक हैं और वर्तमान में यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं।
उनका कहना है कि न तो उन्होंने कभी कोई फर्म बनाई और न ही किसी प्रकार का व्यापार किया। परिवार का भी व्यवसाय से कोई संबंध नहीं है। शिकायत के अनुसार, गत 26 मई 2026 को उन्हें जीएसटी आयुक्त, हरिद्वार की ओर से नोटिस प्राप्त हुआ, जिसमें बड़ी धनराशि जमा करने के लिए कहा गया। नोटिस देखकर वह घबरा गईं और उन्हें चिकित्सकीय उपचार लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि नोटिस में दर्ज मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी भी उनकी नहीं है।
जिससे स्पष्ट होता है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पैन और आधार कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से जीएसटी पंजीकरण कराया और सरकारी राजस्व से जुड़ी धोखाधड़ी की है। इशिता मिश्रा का आरोप है कि उन्होंने इस मामले में जानकीपुरम थाने में एफआईआर दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन जानकीपुरम पुलिस ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने डीसीपी उत्तरी से मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।










