मानहानि मामले में राहुल गांधी साक्ष्य के अभाव में बरी

पायनियर, सुल्तानपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट से राहत मिल गई। विशेष मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें दोषमुक्त करार दिया। फैसले के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे और राहुल गांधी के समर्थकों की भीड़ जुटी रही।
मामला वर्ष 2018 में अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़ा है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने इस टिप्पणी से आहत होकर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही थी।
मामले में दोनों पक्षों की बहस गत 13 अक्टूबर को पूरी हुई थी। राहुल गांधी के अधिवक्ता ने लिखित बहस में विवादित बयान को स्वीकार करते हुए दलील दी थी कि टिप्पणी किसी को अपमानित करने के इरादे से नहीं की गई थी। उन्होंने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किए जाने समेत अन्य तर्क भी रखे थे। वहीं, परिवादी पक्ष ने बयान स्वीकार किए जाने के आधार पर राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए राहुल गांधी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। फैसले के बाद उनके समर्थकों ने खुशी जताई।



