अमेठी में सियासी महाभूकंप! सपा से निष्कासित तीन विधायकों ने थामा भाजपा का दामन, स्मृति ईरानी और पंकज चौधरी की मौजूदगी में हुआ शक्ति प्रदर्शन।

पायनियर संवाददाता गौरीगंज (अमेठी)। उत्तर प्रदेश की सियासत में बुधवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। अमेठी में आयोजित भव्य सदस्यता ग्रहण समारोह में समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री एवं अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति जुबिन ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की मौजूदगी में तीनों विधायकों को पार्टी में शामिल कराया गया। गौरीगंज स्थित विधायक आवास मंगलम पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कई मंत्री और विधायक पहुंचे। हजारों की संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आयोजन को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का रूप दे दिया।
स्मृति ईरानी और पंकज चौधरी की मौजूदगी में बदली राजनीतिक पारी
सदस्यता ग्रहण समारोह में स्मृति ईरानी और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तीनों विधायकों को भाजपा का पटका पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। सपा से निष्कासन के बाद इन नेताओं का भाजपा में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। खासकर गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह के भाजपा में आने से अमेठी की सियासत में नए समीकरणों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, इस बदलाव का वास्तविक चुनावी असर आगामी विधानसभा चुनाव में ही स्पष्ट होगा।
101 किलो की माला से स्वागत, समर्थकों का लगा जमावड़ा
कार्यक्रम में विधायक राकेश प्रताप सिंह ने मंच पर मौजूद अतिथियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पूर्व सांसद स्मृति ईरानी को 101 किलो की फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने नेताओं का स्वागत किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ाया।
2027 से पहले अमेठी की राजनीति में नई हलचल
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2027 से पहले तीन विधायकों का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। भाजपा को इन नेताओं के अनुभव और उनके क्षेत्रीय राजनीतिक संपर्कों से लाभ मिलने की उम्मीद हो सकती है, जबकि सपा के लिए यह अपने नेताओं के दल बदलने के असर का आकलन करने का समय है। अमेठी में हुए इस आयोजन के बाद जिले की राजनीति में आगे क्या बदलाव आते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।



