पीलीभीत। सरकारी जमीनों पर भू-माफियाओं की नजर और जिम्मेदारों की चुप्पी पर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने तीखा हमला बोला है। संगठन ने आरोप लगाया है कि ग्राम पकड़िया नौगवां एतमाली स्थित वसुंधरा कॉलोनी में स्वीकृत लेआउट से कहीं अधिक भूमि बेचकर सरकारी जमीन तक को प्लॉटों में तब्दील कर दिया गया, लेकिन प्रशासन अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष पंडित पंकज शर्मा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।
जमीन बढ़ी या खेल बड़ा
ज्ञापन में दावा किया गया कि कॉलोनी का स्वीकृत लेआउट 9217 वर्ग मीटर का है, जबकि 14171 वर्ग मीटर भूमि का विक्रय किया जा चुका है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब स्वीकृति 9217 वर्ग मीटर की थी, तो अतिरिक्त 4954 वर्ग मीटर जमीन आखिर कहां से आ गई, आरोप है कि तालाब, ग्राम समाज और अन्य सरकारी भूमि को भी प्लॉटिंग में शामिल कर बेच दिया गया।
शिकायतें होती रहीं जिम्मेदार सोते रहे
हिन्दू महासभा का आरोप है कि इस पूरे मामले की कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। संगठन ने इसे केवल भू-माफियाओं का नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संरक्षण का मामला बताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब जांच नहीं, कार्रवाई चाहिए
ज्ञापन में मांग की गई कि स्वीकृत लेआउट, राजस्व अभिलेख, विक्रय दस्तावेज और वास्तविक भूमि की पैमाइश का मिलान कराया जाए। यदि सरकारी भूमि का अवैध विक्रय और अतिक्रमण पाया जाता है, तो कब्जा हटाकर कॉलोनाइजरों, भू-माफियाओं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
हिन्दू महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर जांच शुरू नहीं हुई, तो जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रतिनिधिमंडल लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से भी शिकायत करेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रिपोर्ट-अदनान खान










