सीएमओ डॉ. एन.पी. सिंह के निर्देश पर प्रधानमंत्री के प्रस्तावित वाराणसी भ्रमण एवं भारतीय वायुसेना एरियल डिस्प्ले-22 से 26 अक्टूबर 2026 के दृष्टिगत निजी चिकित्सालयों का निरीक्षण

पायनियर संवाददाता। वाराणसी
भारतीय वायुसेना एरियल डिस्प्ले-2026 के आयोजन (22 से 26 अक्टूबर 2026) तथा 25 अक्टूबर 2026 को माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रस्तावित वाराणसी भ्रमण के दृष्टिगत जनपद में सुदृढ़ एवं त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी डॉ. एन.पी. सिंह के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारी डॉ. राजेश्वर नारायण सिंह एवं डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी द्वारा जनपद के विभिन्न निजी चिकित्सालयों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम की अवधि में आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं, आईसीयू सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक जीवनरक्षक व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में मरीजों को तत्काल एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी डॉ. एन.पी. सिंह के निर्देशानुसार संबंधित निजी चिकित्सालयों में निर्धारित संख्या में आकस्मिक एवं आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान बेड की उपलब्धता, आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन उपचार की तैयारी तथा संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। चिकित्सालय प्रशासन को कार्यक्रम की पूरी अवधि में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं क्रियाशील रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
संबंधित चिकित्सालयों को अपने यहां नोडल अधिकारी नामित करने, उनके नाम, पदनाम एवं संपर्क नंबर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य विभाग के नामित नोडल अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
कार्यक्रम की अवधि में चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता एवं तत्परता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित चिकित्सा संस्थान आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आपातकालीन स्थिति में मरीजों को बिना विलंब आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहें। जनसामान्य की सुरक्षा और मरीजों को समयबद्ध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निरीक्षण के दौरान संबंधित चिकित्सालयों में चिकित्सा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्यक्रम की अवधि में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता एवं समुचित समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निगरानी रखी जाएगी।



