कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट, मुख्य सचिव और डीजीपी ने मेरठ से मुजफ्फरनगर तक परखी तैयारियां

-चार राज्यों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक
-मुजफ्फरनगर के शिव चौक कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर सुरक्षा, ट्रैफिक और निगरानी व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश

विनीत शर्मा। मेरठ/मुजफ्फरनगर

श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रदेश सरकार ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पहले मेरठ में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। इसके बाद केवल डीजीपी मुजफ्फरनगर पहुंचे और शिव चौक स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम सहित प्रमुख कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेरठ कमिश्नरी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में मेरठ, आगरा, सहारनपुर, बरेली और मुरादाबाद जोन के एडीजी, डीआईजी, विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और रेलवे पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि पड़ोसी राज्यों के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। मुख्य सचिव और डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होगी और माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में राज्यों के बीच समन्वय, संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, डीजे एवं ध्वनि प्रणाली के मानकों, रूट डायवर्जन, ट्रैफिक प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत चर्चा की गई।

दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर यातायात संचालन की रणनीति भी तय की गई। बैठक के बाद दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने मेरठ के ऐतिहासिक औघड़नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कंकरखेड़ा से दौराला तक 159 स्थायी सीसीटीवी कैमरे सक्रिय किए गए हैं, जिनके माध्यम से पूरे मार्ग की 24 घंटे रियल टाइम निगरानी की जाएगी। मेरठ से समीक्षा के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण शाम को मुजफ्फरनगर पहुंचे।

शिव चौक पहुंचने पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा, डीआईजी अभिषेक सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारियों और शहर के व्यापारी प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। डीजीपी ने शिव चौक स्थित कांवड़ कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर सीसीटीवी मॉनिटरिंग, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता रखी जाए और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके बाद उन्होंने शिव चौक स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और कांवड़ मार्ग पर पैदल चल रहे शिवभक्तों से संवाद किया।

डीजीपी ने कई कांवड़ियों का माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया तथा यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को भरोसा दिलाया कि पूरी यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए हर समय मुस्तैद रहेगी। कांवड़ यात्रा के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से डीजीपी ने स्थानीय मुस्लिम धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की। उन्होंने सभी समुदायों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आपसी समन्वय और भाईचारे से ही यात्रा शांतिपूर्ण और सफल बनाई जा सकती है। मीडिया से बातचीत में डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

पूरे कांवड़ मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी, ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी नेटवर्क और क्विक रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं। पुलिस का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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