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फरीदाबाद की हवा में सुधार, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 14वीं रैंक

पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद प्रदूषण से जूझने वाले फरीदाबाद ने स्वच्छ हवा की दिशा में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय सुधार किया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर ने देशभर में 14वीं रैंक हासिल की…

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फरीदाबाद की हवा में सुधार, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 14वीं रैंक

पायनियर समाचार सेवा। फरीदाबाद
प्रदूषण से जूझने वाले फरीदाबाद ने स्वच्छ हवा की दिशा में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय सुधार किया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर ने देशभर में 14वीं रैंक हासिल की है। वर्ष 2023 में फरीदाबाद 47वें स्थान पर था, जो अब 33 पायदान ऊपर पहुंच गया है। 2024 में शहर 21वें और 2025 में 19वें स्थान पर रहा था। इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले भी पांच पायदान का सुधार हुआ है। नगर निगम के अनुसार, वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए विभिन्न कार्यों का असर रैंकिंग में दिखाई दिया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम को करीब 28 करोड़ रुपये मिले थे। इस राशि से ग्रीन बेल्ट विकसित करने, पौधरोपण और मुंबई-बड़ौदरा एक्सप्रेसवे के किनारे नमो वन विकसित करने सहित कई कार्य किए गए। निगम के मुताबिक, प्राप्त राशि का 70 प्रतिशत से अधिक खर्च किया जा चुका है।

शहर के चारों जोन में पौधरोपण अभियान चलाने के साथ सड़कों के गड्ढे भरने और धूल नियंत्रण पर भी विशेष जोर दिया गया। निगम ने धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए नौ स्वीपिंग मशीनें लगाई हैं। स्वास्थ्य शाखा धूल प्रभावित सड़कों को चिन्हित कर एजेंसी के माध्यम से सफाई करवाती है। मशीनों की निगरानी जीपीएस से किए जाने का दावा निगम ने किया है।

हालांकि, कई प्रमुख और अंदरूनी सड़कों पर नियमित स्वीपिंग नहीं होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। निगम आयुक्त यशेन्द्र सिंह के अनुसार, पिछले छह महीनों में एक हजार से अधिक गड्ढे भरे गए हैं। धूल नियंत्रण के लिए स्वीपिंग मशीनों के साथ पानी का छिड़काव भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की वायु गुणवत्ता में और सुधार के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
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