पुलिसकर्मियों को डांटने का आरोपी नकली आईपीएस अधिकारी गिरफ्तार

पुलिसकर्मियों से बोला: मुझे सेल्यूट करो, महानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर फर्जी आईपीएस अधिकारी को भेजा जेल

पायनियर समाचार सेवा

लखनऊ। राजधानी में महज 40 रुपए के बन-मक्खन और चाय के विवाद ने एक ऐसे मामले का खुलासा कर दिया। जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। महानगर थाना क्षेत्र में खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें वह पुलिसकर्मियों से बहस करता और खुद को आईपीएस अधिकारी बताता दिखाई दे रहा है। पुलिस के अनुसार घटना 13 जून की रात की है। गोल मार्केट चौराहे पमर स्थित वीरू गुप्ता की चाय की दुकान पर एक व्यक्ति ने चाय और बन-मक्खन खाने के बाद पैसे न देने को लेकर विवाद हो रहा था। दुकानदार की सूचना पर रात अधिकारी उप निरीक्षक आर्यन शर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने जब विवाद कर रहे व्यक्ति से नाम और पता पूछा तो उसने जवाब देने के बजाय पुलिसकर्मियों पर ही धौंस जमानी शुरू कर दी। आरोपी ने खुद को नोएडा में तैनात आईपीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि “तुम लोगों की कैप कहां है, मुझे सेल्यूट क्यों नहीं किया?” उसके इस व्यवहार और बातों से पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ। जब पुलिस ने उससे पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाने को कहा तो वह कोई आईडी नहीं दिखा सका। उसने पुलिस को बताया कि उसके पास फिलहाल आई-कार्ड नहीं है और वह अगले दिन दिखा देगा।

इसके बाद वह वहां से चला गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महानगर पुलिस के मुताबिक 15 जून को फिर सूचना मिली कि वही व्यक्ति गोल मार्केट स्थित चाय की दुकान पर विवाद कर रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पूछताछ के लिए थाने ले आई। थाने में कड़ाई से पूछताछ करने पर उसकी पूरी हकीकत सामने आ गई। आरोपी ने अपना नाम मिथिलेश शुक्ला पुत्र रामबरन शुक्ला निवासी भरतनगर, सीतापुर रोड, मड़ियांव बताया।

पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है। उसने बताया कि वह नोएडा सेक्टर-18 स्थित सैमसंग कंपनी में अकाउंट एग्जीक्यूटिव के पद पर नौकरी करता है। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने खुद को फर्जी आईपीएस अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को धमकाया, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश की। मामले में उप निरीक्षक आर्यन शर्मा की तहरीर पर थाना महानगर में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को गुमराह करना और पुलिस कार्य में बाधा डालना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति झूठी पहचान के सहारे कानून व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास न कर सके।

देर रात तक खुलने वाली चाय की दुकान बनी विवादों का अड्डा

सूत्रों के अनुसार जिस चाय की दुकान पर हालिया विवाद हुआ है, वह पूरी रात संचालित होती है और यह दुकान थाना महानगर से महज कुछ कदमों की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस दुकान पर कई बार विवाद और हंगामे की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। आसपास के निवासियों के मुताबिक देर रात तक दुकान खुली रहने के कारण यहां अक्सर आपराधिक प्रवृत्ति के लोग जुटते हैं। रातभर चलने वाली बैठकों, शोर-शराबे और हंगामे से क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि कई बार विवाद की स्थिति बनने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।

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