डीएम को प्रदर्शनी में दिखीं खामियां, झूलों की पीडब्ल्यूडी जांच और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश

 

पी .डब्लू.डी. की भूमिका संदिग्ध, बिना पीडब्ल्यूडी की यान्त्रिक शाखा आजमगढ सेअनापत्ति के चल रही प्रदर्शनी में लगे खतरनाक झूलों से हो सकता है बड़ा हादसा?

पायनियर संवाददाात। जौनपुर

शहर के बीआरपी कॉलेज मैदान में चल रही प्रदर्शनी के औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं में कई कमियां पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने बड़े झूलों और अन्य संरचनाओं की पीडब्ल्यूडी से तकनीकी जांच कराने के निर्देश दिए तथा सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने की चेतावनी दी। बता दें की पिछले कई वर्षों से प्रदर्शनी में लगे तरह-तरह के बड़े- बड़े झूलों के लगाने के पहले आजमगढ़ जनपद के पीडब्ल्यूडी विभाग की‌ यान्त्रिक शाखा द्वारा विधिवत निरीक्षण कर अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी होना चाहिए , परन्तु पीडब्ल्यूडी विभाग जौनपुर जिम्मेदारो की कृपा दृष्टि व कतिपय जनप्रतिनिधियों के रहमो-करम पर शहर में चल रही मानक विरोधी प्रदर्शनी में लगे यान्त्रिक यंत्रो से कभी भी बड़ा हादसा हो‌ सकता है।

हैरत की बात की जिम्मेदारों ने यह नहीं देखा की प्रदर्शनी में लगे ख़तरनाक झूलों को लगाने के बाद इसकी अनापत्ति पीडब्ल्यूडी विभाग की यान्त्रिक शाखा आजमगढ से ली गई है या नहीं ,जो जांच एवं कार्यवाही का गम्भीर विषय है, पीडब्ल्यूडी विभाग की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। डीएम के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रदर्शनी परिसर में लगे झूलों, विद्युत व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, अग्निशमन उपकरणों और साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने पाया कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने प्रदर्शनी प्रबंधन को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

डीएम ने कहा कि सभी बड़े झूलों एवं अस्थायी संरचनाओं की पीडब्ल्यूडी से जांच कराकर उनकी सुरक्षा प्रमाणित कराई जाए। साथ ही सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील रखे जाएं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों और वालंटियर्स के पहचान पत्र न होने, विद्युत पोल एवं वायरिंग की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और सभी कर्मियों के आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत तारों और उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने अग्निशमन व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताते हुए फायर सेफ्टी उपकरणों को मानक के अनुरूप स्थापित करने तथा हर समय उपयोग के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रदर्शनी परिसर में नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त शौचालय और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। खान-पान की दुकानों पर रेट लिस्ट न होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सभी दुकानदारों को मूल्य सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) परमानंद झा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Chief Sub-editor Pioneer Hindi

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