‘हर-हर महादेव’ से गूंजे शिवालय
मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि ने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया
पायनियर समाचार सेवा। गजियाबाद
श्रावण मास के पहले दिन शहर के मंदिरों में श्रद्धालुओं को भीड़ उमड़ी रही। मंदिरों में सबसे पहले भगवान शिव का जलाभिषेक कर श्रंगार और आरती की गई। इसके बाद भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन और पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। शिवालयों में सुबह से ही भक्तों की कतारें लगनी शुरू हो गई थी। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में कई शहरों से भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि ने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक किया। प्राचीन देवी मंदिर द्वारका पुरी दिल्ली गेट के महंत गिरिशानंद गिरि ने सुबह 3:30 बजे भगवान दूधेश्वर नाथ की पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए।
कपाट खुलते ही मंदिर परिसर के साथ आसपास के क्षेत्र में हर हर महादेव के जयकारे लगाए गए। अलग अलग शहरों से आए भक्तों ने भगवान दूधेश्वर का जलाभिषेक और पूजा-अर्चन की। महंत नारायण गिरि ने कहा कि सावन मास का सनातन धर्म में बहुत अधिक महत्व है। यह मास भगवान शिव को सबसे अधिक प्रिय है। भगवान शिव इस मास में अपने भक्तों के कष्टों को हरने के लिए पृथ्वी पर ही निवास करते हैं। स्वयं भू मंदिर कविनगर, शिव मंदिर शास्त्रीनगर, डासना देवी मंदिर, शिव मंदिर गोविंदपुरम समेत अन्य सभी शिवालयों में भी सुबह से ही भगवान शिव की आराधना के लिए भक्तों की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी। मंदिरों में पूरे दिन भगवान शिव के दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही रही।
भांग, धतूरा और बेल पत्र चढ़ाया
मंदिरों में भक्तजनों से श्रद्धाभाव से भगवान शिव के दर्शन कर पूजा पाठ की। इस दौरान भक्तों ने भगवान शिव को दूध, गंगाजल के साथ भांग के पत्ते, धतूरा, बेल पत्र और फल चढ़ाए। महंत नारायण गिरि ने कहा कि सावन के पहले दिन आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और श्रवण नक्षत्र का दुर्लभ शुभ संयोग भी बन रहा है। आयुष्मान योग में की गई पूजा से लंबी आयु और आरोग्यता मिलती है। सौभाग्य योग जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। उन्होंने बताया कि इस बार सावन मास की शुरूआत गुरुवार से हुई है, यानि भगवान शिव के साथ भगवान श्री हरि विष्णु की भी कृपा भक्तों को मिलेगी।
मोहननगर शिव मंदिर में भक्तों की लगी लंबी कतारें
श्रावण मास की शुरूआत गुरुवार को शिवभक्ति के रंग में हुई। सुबह होते ही शहर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। हाथों में जल, दूध और बेलपत्र लिए श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बम भोले के जयकारों से गूंज उठे। श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। मोहननगर मंदिर में सबसे अधिक भीड़ रही। सुबह से ही दर्शन और जलाभिषेक के लिए लंबी कतार लगी रही। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। सुबह 11 बजे तक भक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते रहे। इसके अलावा शिप्रा सनसिटी, पार्श्वनाथ पैराडाइज, शिप्रा रिवेरा समेत विभिन्न कॉलोनियों के शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे। मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन का भी आयोजन हुआ, जिससे पूरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा।









