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देश में 58 करोड़ जन धन खातों से करोड़ों लोग औपचारिक बैंकिंग से जुड़े: सीतारमण

नयी दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि 58 करोड़ से अधिक जन धन खातों ने करोड़ों भारतीयों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जन धन योजना के तहत कल्याणकारी योजनाओं, कम लागत…

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देश में 58 करोड़ जन धन खातों से करोड़ों लोग औपचारिक बैंकिंग से जुड़े: सीतारमण
The Union Minister for Finance and Corporate Affairs, Smt. Nirmala Sitharaman holding a press conference on Cabinet Decisions, in New Delhi on November 12, 2020.

नयी दिल्ली

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि 58 करोड़ से अधिक जन धन खातों ने करोड़ों भारतीयों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, जन धन योजना के तहत कल्याणकारी योजनाओं, कम लागत वाले बीमा और पेंशन के लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हर भारतीय के लिए गरिमा, अवसर एवं सशक्तीकरण की गारंटी है। सीतारमण ने कहा कि गरीबी और अभाव के खिलाफ लड़ाई में भारत वैश्विक स्तर पर अलग पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री जन धन योजना की शुरुआत 28 अगस्त, 2014 को की गई थी। यह दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन पहल में से एक है।

इस योजना के तहत 56 प्रतिशत खाताधारक महिलाएं हैं। वहीं 67 प्रतिशत खाते ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये लाभार्थियों के खातों में लगभग 45 लाख करोड़ रुपये सीधे हस्तांतरित किए गए हैं। अब भारत की 94 प्रतिशत वयस्क आबादी के पास बैंक खाता है। इस योजना के तहत खोले गए खातों में शून्य ‘बैलेंस’ की सुविधा, मुफ्त रुपे कार्ड, दुर्घटना बीमा और ‘ओवरड्राफ्ट’ की सुविधा मिलती है। इसने लोगों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में मदद की है जिससे उनके जीवन में बदलाव आया है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।