यूपी की एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे करेंगे सीएम योगी, शासन ने जारी किया आदेश

उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन होगी। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत यूपी एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) से जुड़े सभी कार्य अब अवस्थापना विकास अनुभाग के दायरे में आएंगे, जिसका प्रभार स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास है।

अब तक यूपीडा से संबंधित कार्य औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग-3 के माध्यम से संचालित किए जाते थे। सचिवालय प्रशासन विभाग के सचिव जी. श्रीनिवासुलु द्वारा जारी आदेश में इस बदलाव की जानकारी दी गई है।

क्यों किया गया बदलाव?

शासनादेश के अनुसार, अवस्थापना विभाग का गठन वर्ष 2007 में किया गया था और प्रदेश में बड़े स्तर की आधारभूत संरचना परियोजनाओं के विकास और समन्वय की जिम्मेदारी इसी विभाग को सौंपी गई थी। हालांकि यूपीडा से जुड़ी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का संचालन औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से किया जा रहा था।

सरकार का कहना है कि कार्य आवंटन में मौजूद विरोधाभास को समाप्त करने और फाइलों के निस्तारण को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। अब यूपीडा से जुड़े सभी कार्य तत्काल प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को हस्तांतरित कर दिए गए हैं।

परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद

नई व्यवस्था लागू होने के बाद एक्सप्रेसवे परियोजनाओं, बजट स्वीकृति और प्रशासनिक मंजूरी से संबंधित फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर निस्तारित होंगी। इससे निर्णय प्रक्रिया तेज होने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाले समय में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

अब तक इन फाइलों को औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, जिसके बाद अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री स्तर से मिलती थी। नई प्रणाली में यह प्रक्रिया अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

राजनीतिक चर्चाओं को भी मिला बल

इस प्रशासनिक बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हाल के दिनों में औद्योगिक विकास विभाग से जुड़े कुछ प्रशासनिक मामलों और अधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर मतभेदों की खबरें सामने आई थीं। हालांकि सरकार ने अपने आदेश में इस बदलाव का कारण केवल कार्यों के बेहतर समन्वय और त्वरित निस्तारण को बताया है।

गौरतलब है कि हाल ही में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के प्रभार वाले कुछ प्रशासनिक दायित्वों में भी बदलाव किया गया था। ऐसे में यूपीडा को सीधे मुख्यमंत्री के अधीन लाने के फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर रहेगा सीधा फोकस

विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री स्तर से होने पर योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक गति आ सकती है। इससे प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी नया बल मिलने की उम्मीद है।

रश्मि सिंह मास कम्युनिकेशन में स्नातकोत्तर हैं और मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ग्राउंड रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन से की तथा समय के साथ देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों और समाचार चैनलों में कार्य किया। राजनीति, समसामयिक घटनाक्रम, उत्तर प्रदेश की खबरों, सामाजिक मुद्दों और मनोरंजन जगत की रिपोर्टिंग एवं विश्लेषण में उन्हें विशेष अनुभव प्राप्त है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया दोनों क्षेत्रों में काम करते हुए उन्होंने तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता को अपनी पहचान बनाया है।

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