मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
उत्तर प्रदेश

स्वच्छ हवा के लिए दिल्ली में जुटे निकाय अध्यक्ष, अरविंद संगल ने रखे चार प्रस्ताव

शामली। शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए जिले के स्थानीय निकायों के अध्यक्षों ने दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सात सितंबर को नई दिल्ली स्थित गंगा ऑडिटोरियम, इंदिरा पर्यावरण…

साझा करें WhatsAppFacebookX
स्वच्छ हवा के लिए दिल्ली में जुटे निकाय अध्यक्ष, अरविंद संगल ने रखे चार प्रस्ताव
शामली। शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए जिले के स्थानीय निकायों के अध्यक्षों ने दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। सात सितंबर को नई दिल्ली स्थित गंगा ऑडिटोरियम, इंदिरा पर्यावरण भवन में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में क्लीन एयर दिवस पर दिल्ली-एनसीआर के शहरी स्थानीय निकायों के महापौर और अध्यक्षों का सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि रहे। एनसीआर के 23 जिलों के 132 नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों के महापौर व अध्यक्षों ने इसमें प्रतिभाग किया। इस दौरान सभी जनप्रतिनिधियों को वायु प्रदूषण रोकने, अधिक से अधिक पौधरोपण करने, निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने, कूड़ा न जलाने और स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई गई। जिला स्थानीय निकाय एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं नगर पालिका परिषद शामली के चेयरमैन अरविंद संगल ने सम्मेलन में शहर की समस्याओं से जुड़े चार प्रस्ताव रखे। उन्होंने बताया कि शामली के 25 वार्डों में सर्दियों के दौरान प्रत्येक वार्ड में तीन से चार स्थानों पर अलाव जलाए जाते हैं। इससे प्रदूषण बढ़ता है। उन्होंने अलाव के स्थान पर गैस हीटर, सोलर हीटर या अन्य पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था कराने का सुझाव दिया। उन्होंने 20 फीट या इससे अधिक चौड़ी सड़कों के दोनों ओर ट्री-गार्ड लगाकर पौधरोपण कराने की मांग की। इसके अलावा डंपिंग ग्राउंड में जमा ठोस कचरे के निस्तारण के लिए आधुनिक मशीनें लगाने और पॉलीथिन बनाने वाली फैक्ट्रियों पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन का उत्पादन बंद होने से बाजार में इसकी उपलब्धता कम होगी और प्रदूषण पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। कांधला नगर पालिका परिषद के चेयरमैन हाजी नजमुल इस्लाम ने डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे के बेहतर निस्तारण का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में प्लास्टिक कचरे से प्लास्टिक शीट, स्कूल फर्नीचर और टाइल्स आदि तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने शामली जिले के स्थानीय निकायों को भी इस तरह के उपकरण और मशीनें उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि कचरे का निस्तारण करने के साथ निकायों की आय भी बढ़ाई जा सके। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने जनप्रतिनिधियों की ओर से रखे गए प्रस्तावों और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। सम्मेलन में सचिव तन्मय कुमार, अपर निदेशक एन. सुब्रह्मण्य, डॉ. चारू, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी, डीजीपी फोरेस्ट दिल्ली सहित कांधला के चेयरमैन हाजी नजमुल इस्लाम, कैराना के चेयरमैन शमशाद अहमद, ऊन के चेयरमैन प्रदीप कुमार और झिंझाना के चेयरमैन सुरेशपाल कश्यप मौजूद रहे।