मुख्य सामग्री पर जाएं
हिंदी संस्करण
पायनियर स्वतंत्र · निष्पक्ष · निर्भीक
उत्तर प्रदेश

भाई-बहन पर टिप्पणी से खफा सोनू ने दोस्त अतुल को उतारा था मौत के घाट

-तीन माह से चल रही थी रंजिश, साथी तालिब के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश, पहले गला दबाया, फिर चाकू से किए वार मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के गांव भैंसी में अतुल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी…

साझा करें WhatsAppFacebookX
भाई-बहन पर टिप्पणी से खफा सोनू ने दोस्त अतुल को उतारा था मौत के घाट
-तीन माह से चल रही थी रंजिश, साथी तालिब के साथ मिलकर रची थी हत्या की साजिश, पहले गला दबाया, फिर चाकू से किए वार
मुजफ्फरनगर। खतौली क्षेत्र के गांव भैंसी में अतुल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सोनू और उसके साथी तालिब को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर मृतक का शव और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद करने का दावा किया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक द्वारा आरोपी के बड़े भाई और छोटी बहन के बारे में कथित रूप से आपत्तिजनक बातें किए जाने से सोनू नाराज था। इसी रंजिश में उसने अपने साथी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने क्षेत्राधिकारी खतौली रूपाली राय के साथ मीडिया को हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि भैंसी निवासी कपिल ने पुलिस को तहरीर देकर अपने भाई अतुल के गायब होने तथा सोनू पुत्र अजयपाल और तालिब पुत्र दिलशाद पर हत्या की आशंका जताई थी। शिकायत मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नावला-भैंसी मार्ग पर पुलिया के पास से सोनू और तालिब को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अतुल की हत्या करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने अतुल का शव और कथित आला-ए-कत्ल बरामद किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी सोनू ने पुलिस को बताया कि अतुल उसका दोस्त था। आरोप है कि अतुल उसके बड़े भाई और छोटी बहन के बारे में गांव में गलत बातें करता था। इसी बात को लेकर करीब तीन माह पहले दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद भी कथित रूप से अतुल की ओर से ऐसी बातें किए जाने का सिलसिला जारी रहा। इससे सोनू के मन में उसके प्रति रंजिश बढ़ती गई। पुलिस के अनुसार, सोनू ने बताया कि 28 अगस्त को वह अपने साथी तालिब के साथ तिगाई स्थित ठेके पर बीयर पी रहा था। इसी दौरान दोनों ने अतुल की हत्या करने की योजना बनाई। अगले दिन 29 अगस्त को दोनों ने अतुल को अपने निशाने पर लिया और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक हत्या की पुष्टि करने के लिए सोनू ने चाकू से अतुल की गर्दन पर कई वार किए। हत्या के बाद आरोपी मृतक का मोबाइल तोड़कर भैंसी के नाले में फेंककर लौट गए। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, अतुल की हत्या करने के बाद मुख्य आरोपी सोनू ने खुद को बचाने के लिए सामान्य व्यवहार बनाए रखा। वह मृतक के परिजनों के साथ घूमता रहा और पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर रखता रहा। यहां तक कि वह अतुल के परिजनों के साथ पुलिस कार्यालय भी पहुंचा था। पुलिस का कहना है कि सोनू ने अपनी संलिप्तता छिपाने और जांच को भटकाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की जांच में उसकी भूमिका सामने आ गई।