पत्रकारों को डिजिटल टूल्स के प्रभावी इस्तेमाल और सरकारी योजनाओं की दी गई प्रमाणित जानकारी
पायनियर संवाददाता। बाराबंकी
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ की ओर से रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित लोक-सभागार में पत्रकारों के लिए मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं की पहचान, फैक्ट-चेकिंग तथा डिजिटल टूल्स के प्रभावी उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही केंद्र सरकार की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी पत्रकारों को दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री रामसरन वर्मा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण व्यवस्था में किसान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सरकार की कृषि नीति का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय, सुरक्षा, सिंचाई, बाजार और आधुनिक तकनीक तक पहुंच को मजबूत करना है।
पीआईबी लखनऊ के निदेशक दिलीप कुमार शुक्ल ने कहा कि फेक न्यूज वायरस की तरह तेजी से फैलकर समाज को प्रभावित कर सकती है। पत्रकारों के लिए किसी भी सूचना को प्रसारित करने से पहले उसके तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना बेहद जरूरी है। फेक न्यूज पर अंकुश लगाने में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को फेक न्यूज के प्रति जागरूक करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में पत्रकारों को नई तकनीक और तथ्य-जांच के आधुनिक तरीकों से परिचित कराने के लिए ‘वार्तालाप’ जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए।