मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार देर शाम कानून व्यवस्था और विभिन्न प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। बैठक में आगामी मोहर्रम, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, स्वास्थ्य सेवाओं और जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सीएम योगी ने कहा कि मोहर्रम शोक और मातम का अवसर है, इसे शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही कानफोड़ू डीजे और अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
बैठक में मुख्यमंत्री ने NEET परीक्षा के अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए राज्य परिवहन निगम की बसों में किराए पर 50 प्रतिशत छूट देने का निर्देश दिया। इससे परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 21 जून को प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 762 नगरीय निकायों में योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक योग कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
सीएम योगी ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” है। इसके तहत अमृत सरोवरों, ऐतिहासिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही 20 जून को पूरे प्रदेश में विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन और जनसुनवाई कार्यक्रमों को लेकर भी अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों के समाधान में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पद रिक्त हैं, वहां अगले तीन दिनों के भीतर नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रशासनिक रिक्तियां जल्द भरना आवश्यक है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने, जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आगामी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।










