अतिवृष्टि के कारण गिरे गन्ने को लेकर किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह, गन्ने की फसल को शीघ्र सीधा कर बांधने की अपील

गिरे हुए गन्ने को उठाने से कीट एवं रोगों का प्रकोप होगा कम, पैदावार एवं गन्ने की गुणवत्ता में होगा सुधार
बी पी त्रिपाठी।बलरामपुर
जनपद में विगत तीन दिनों हुई अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण विभिन्न क्षेत्रों में गन्ने की फसल गिरने के दृष्टिगत जिला गन्ना अधिकारी द्वारा गन्ना किसानों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की गई है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपने खेतों में गिरे हुए गन्ने को यथाशीघ्र सीधा कर उसकी बंधाई सुनिश्चित करें, जिससे फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके तथा गन्ने की पैदावार एवं गुणवत्ता को सुरक्षित रखा जा सके।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि अत्यधिक बारिश एवं तेज हवाओं के कारण गन्ने की फसल गिरने से उसकी वृद्धि एवं गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में समय रहते गन्ने को उठाकर सीधा करना एवं उसकी उचित बंधाई करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि गन्ने के लंबे समय तक जमीन पर गिरे रहने से कीट एवं रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। गीली मिट्टी के संपर्क में रहने के कारण दीमक, बेधक एवं अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गन्ने को सीधा कर बांधने से इन समस्याओं को कम किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त गन्ने को सीधा करने से पौधों को पर्याप्त सूर्य का प्रकाश एवं हवा मिलती है, जिससे उनका विकास बेहतर होता है। गन्ने के लंबे समय तक जमीन पर पड़े रहने से उसकी रिकवरी एवं चीनी की मात्रा प्रभावित हो सकती है। समय से गन्ने को उठाने एवं उचित देखभाल करने से उसकी गुणवत्ता एवं उत्पादन को बनाए रखने में सहायता मिलती है।
जिला गन्ना अधिकारी ने जनपद के समस्त गन्ना किसानों से अपील की है कि बारिश के बाद खेतों में जलभराव की स्थिति समाप्त होने एवं मिट्टी की स्थिति अनुकूल होने पर गिरे हुए गन्ने को सावधानीपूर्वक सीधा कर उसकी बंधाई करें। खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करें, जिससे फसल को अतिरिक्त नुकसान से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि किसान गन्ने की फसल में किसी प्रकार के रोग अथवा कीट का प्रकोप दिखाई देने पर संबंधित गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों एवं गन्ना पर्यवेक्षकों से संपर्क कर तकनीकी सलाह प्राप्त करें।



