न्यू यॉर्क/न्यू जर्सी। फुटबॉल के महाकुंभ फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सांस रोक देने वाले फाइनल मुकाबले में स्पेन ने मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार विश्व कप ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक खिताबी मुकाबले का एकमात्र और निर्णायक गोल स्थानापन्न खिलाड़ी फेरान टोरेस ने अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में दागा।
पूरे 90 मिनट तक स्पेन की टीम ने गेंद पर अपना दबदबा बनाए रखा और अर्जेंटीना के गोलपोस्ट पर कई तीखे हमले किए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलीयानो मार्टिनेज ने शानदार बचाव करते हुए स्पेन को बढ़त हासिल नहीं करने दी।
मैच का सबसे बड़ा मोड़ दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में आया, जब अर्जेंटीना के स्टार मिडफील्डर एंज़ो फर्नांडीज को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान से बाहर (रेड कार्ड) जाना पड़ा। 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही अर्जेंटीना की रक्षापंक्ति आखिरकार 106वें मिनट में ढह गई, जब निको विलियम्स के पास पर फेरान टोरेस ने पेनल्टी बॉक्स के भीतर से करारा शॉट लगाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके साथ ही स्पेन ने 2010 के बाद पहली बार और इतिहास में दूसरी बार विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
स्पेन पर पैसों की बारिश, विश्व कप जीतने पर मिले 50 मिलियन डॉलर
खिताब जीतने के साथ ही स्पेन पर इनामी राशि की भी बारिश हुई। फीफा ने इस बार विश्व कप फाइनल के लिए रिकॉर्ड 83 मिलियन डॉलर की प्राइज मनी निर्धारित की थी, जो टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे अधिक है। विजेता स्पेन को 50 मिलियन डॉलर (करीब ₹4,814 करोड़) की इनामी राशि मिली। वहीं फाइनल में हारने के बावजूद अर्जेंटीना को 33 मिलियन डॉलर (करीब ₹3,177 करोड़) की प्राइज मनी दी गई।तीसरे स्थान पर रहने वाली इंग्लैंड की टीम को 29 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,792 करोड़) जबकि चौथे स्थान पर रही फ्रांस की टीम को 27 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,599 करोड़) की प्राइज मनी से सम्मानित किया गया। इस तरह फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने खेल के साथ-साथ इनामी राशि के मामले में भी नया इतिहास रच दिया।










