Amit Mishra on Virat Kohli: विराट कोहली से वापसी का भरोसा मिला, फिर नहीं आया फोन! अमित मिश्रा ने बयां किया दर्द

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर और टीम इंडिया में वापसी नहीं हो पाने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में मिश्रा ने दावा किया कि चोट से उबरने के बाद उन्हें भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद थी, लेकिन फिट होने के बावजूद उन्हें दोबारा मौका नहीं मिला। उन्होंने इस दौरान तत्कालीन कप्तान विराट कोहली से संपर्क करने की कोशिश भी की थी, मगर उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
शानदार प्रदर्शन के बाद भी नहीं मिला मौका
अमित मिश्रा के करियर का सबसे यादगार दौर 2016 में देखने को मिला था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज में उन्होंने 15 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का खिताब जीता था। 29 अक्टूबर 2016 को विशाखापत्तनम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में मिश्रा ने महज 18 रन देकर पांच विकेट हासिल किए थे। भारत ने यह मैच 190 रन से जीतकर सीरीज 3-2 से अपने नाम की थी। इस प्रदर्शन के लिए मिश्रा को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया था।
हालांकि, चोट के कारण टीम से बाहर होने के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर आगे नहीं बढ़ सका। मिश्रा के मुताबिक, उन्होंने फिटनेस हासिल करने और मैदान पर वापसी के लिए पूरी मेहनत की थी।
विराट कोहली से संपर्क करने पर क्या हुआ?
मिश्रा ने बातचीत में दावा किया कि चोट से उबरने के बाद उन्होंने विराट कोहली से संपर्क किया था। उनके मुताबिक, कोहली ने उन्हें जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था। लेकिन एक सप्ताह के बाद भी कोई फोन नहीं आया। मिश्रा का कहना है कि जब दो-तीन सप्ताह गुजर गए और उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली, तो उन्होंने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की। इसके बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मिश्रा ने बताया कि इसके बाद उन्हें महसूस हुआ कि शायद अब भारतीय टीम में उनकी वापसी संभव नहीं है। हालांकि, यह पूरा घटनाक्रम अमित मिश्रा के बयान पर आधारित है और इस मामले में विराट कोहली का पक्ष सामने आना बाकी है।
धोनी की सलाह ने बढ़ाया था आत्मविश्वास
पूर्व लेग स्पिनर ने अपने शुरुआती अंतरराष्ट्रीय दिनों को याद करते हुए बताया कि उनकी तुलना अक्सर दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले से की जाती थी। ऐसे समय में महेंद्र सिंह धोनी ने उन्हें अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी पर भरोसा रखने की सलाह दी थी। मिश्रा के मुताबिक, धोनी की बातों से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वह बिना दबाव के गेंदबाजी कर सके।
तीनों फॉर्मेट में स्पिनरों की भूमिका पर भी रखी राय
मिश्रा ने कहा कि स्पिन गेंदबाजों को फ्लैट पिचों पर भी विकेट लेने की कोशिश करनी चाहिए। उनके मुताबिक, यदि कोई गेंदबाज 50 रन देकर तीन विकेट हासिल करता है, तो उसका प्रदर्शन टीम के लिए उपयोगी हो सकता है। उन्होंने फिटनेस और कौशल पर लगातार मेहनत करने वाले स्पिनरों के तीनों फॉर्मेट में सफल होने की संभावना भी जताई।
अमित मिश्रा ने भारत के लिए 22 टेस्ट, 36 वनडे और 10 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। उन्होंने फरवरी 2017 में इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। उनके इस बयान ने चोट के बाद वापसी और टीम चयन में संवाद को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।



