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मस्जिद विवाद से जुड़े मामले में सभी अभियुक्त दोषमुक्त, सीजेएम कोर्ट का बड़ा फैसला

मस्जिद विवाद से जुड़े मामले में सभी अभियुक्त दोषमुक्त, सीजेएम कोर्ट का बड़ा फैसला
  • धारा 163 बीएनएसएस उल्लंघन प्रकरण में अभियुक्तों को मिली राहत

  • उत्तरकाशी मस्जिद विवाद से जुड़े मुकदमे में न्यायालय के फैसले का हिंदू संगठनों ने किया स्वागत

पायनियर समाचार सेवा। उत्तरकाशी। उत्तरकाशी के बहुचर्चित मस्जिद विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) उत्तरकाशी की अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया है। धारा 163 बीएनएसएस के उल्लंघन के आरोप में दर्ज इस मामले में न्यायालय के फैसले को अभियुक्त पक्ष के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष के अनुसार 26 अक्टूबर 2024 को काली कमली धर्मशाला के निकट कुछ लोगों के एकत्र होकर प्रेस वार्ता करने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। उस समय क्षेत्र में धारा 163 बीएनएसएस लागू थी। पुलिस का आरोप था कि प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी होने के बावजूद बिना अनुमति लोगों ने एकत्र होकर आदेशों का उल्लंघन किया। पुलिस ने मामले में सोनू सिंह नेगी उर्फ प्रिंस, जितेंद्र चौहान, सूरज डबराल सहित अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2)/223 के तहत कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया था। मामला न्यायालय में विचाराधीन था, जहां अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से विस्तृत बहस की गई।

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने अभियुक्तगणों को दोषमुक्त करार दिया। न्यायालय के इस निर्णय के साथ ही मामले का विधिक रूप से निस्तारण हो गया। मामले में अभियुक्त कुनाल, जितेंद्र, राजपाल और सुशील शर्मा की ओर से अधिवक्ता अंकित बंठवाण ने पैरवी की, जबकि जितेंद्र एवं सूरज की ओर से अधिवक्ता प्रदीप जगूड़ी ने न्यायालय में पक्ष रखा। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्याय की विजय बताया। उत्तरकाशी के मस्जिद विवाद से जुड़े घटनाक्रमों के बीच अदालत का यह निर्णय एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी इस फैसले को लेकर व्यापक चर्चा बनी हुई है।

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