सहारनपुर। जनसेवा को राजनीति से ऊपर रखने का एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। वार्ड नं-41 शारदा नगर दक्षिणी से भाजपा के पार्षद संजय सैनी ने नगर निगम से पिछले तीन वर्षों में प्राप्त मानदेय भत्ते की पूरी राशि स्वेच्छा से निगम को वापस लौटा दी है। उन्होंने महापौर और नगर आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि वे भविष्य में भी कोई मानदेय भत्ता नहीं लेंगे। उनका कहना है कि जनता की सेवा के लिए मानदेय की जरूरत नहीं है।
जनता की सेवा को एक संजय सैनी पार्षद ने सर्वोपरि रखते हुए नगर निगम से मिलना वाला पूरा मानदेय वापस लौटा दिया।भाजपा पार्षद ने इस बावत एक पत्र लिखा कि मई 2023 में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उन्हें वार्ड-41 शारदा नगर दक्षिणी से पार्षद पद पर चुनाव लड़ने का अवसर मिला। वार्ड की जनता ने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, निर्दलीय और अन्य दलों के उम्मीदवारों को हराकर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। पार्षद बनने के बाद महापौर और आशीर्वाद स्वरूप उन्हें कार्यकारिणी समिति का सदस्य बनाकर सम्मान दिया गया।
संजय सैनी का मानना है कि राजनीति उनके लिए पद नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम है। उन्हें जनमानस की सेवा करने का मौका मिला, इसके लिए वे आभारी हैं। इसी भावना के चलते उन्होंने अपनी स्वेच्छा से राष्ट्रहित और नगर निगम के हित में मानदेय भत्ता वापस करने का निर्णय लिया।जानकारी के मुताबिक पार्षद ने महापौर को सूचित करते हुए लिखा कि पिछले तीन वर्षों में नगर निगम द्वारा उन्हें जो मानदेय भत्ता दिया गया है, उसकी पूरी राशि का चेक उन्होंने निगम को वापस कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि अब भविष्य में भी उन्हें कोई मानदेय भत्ता न दिया जाए। उनका मानना है कि जब जनता ने इतना प्यार और समर्थन दिया है, तो सेवा के बदले मानदेय लेना उचित नहीं है।
वैसे संजय सैनी पार्षद के इस कदम की वार्ड के लोगों में चर्चा हो रही है। कई लोगों ने इसे जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला सेवा भाव को प्राथमिकता देने का संदेश दे रहा है।
रिपोर्ट-वेद प्रकाश पाण्डेय










