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मॉक ड्रिल में फायर ब्रिगेड की गाड़ी का प्रेशर फेल, मची अफरा-तफरी

भूकंप और आग की आपदा से निपटने का कराया पूर्वाभ्यास, पुलिसकर्मियों ने बच्चों का किया रेस्क्यू; फायर ब्रिगेड की व्यवस्था पर उठे सवाल पायनियर समाचार सेवा, खतौली। भूकंप और आग लगने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए शुक्रवार को खतौली कन्या…

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मॉक ड्रिल में फायर ब्रिगेड की गाड़ी का प्रेशर फेल, मची अफरा-तफरी
भूकंप और आग की आपदा से निपटने का कराया पूर्वाभ्यास, पुलिसकर्मियों ने बच्चों का किया रेस्क्यू; फायर ब्रिगेड की व्यवस्था पर उठे सवाल
पायनियर समाचार सेवा, खतौली। भूकंप और आग लगने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए शुक्रवार को खतौली कन्या इंटर कॉलेज में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य का प्रदर्शन किया। हालांकि, आग बुझाने के अभ्यास के दौरान फायर ब्रिगेड की गाड़ी का प्रेशर फेल हो गया। इससे मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी में आई तकनीकी खराबी ने आपदा के समय अग्निशमन व्यवस्था की तैयारियों पर सवाल भी खड़े कर दिए।
मॉक ड्रिल सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई। इसमें भूकंप आने और इसके बाद आग लगने जैसी काल्पनिक आपात स्थिति तैयार की गई। सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
अभ्यास के दौरान आग और भूकंप की स्थिति में फंसे स्कूली बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनेश चंद्र बघेल और महिला उपनिरीक्षक खुशबू ने स्वयं बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में भूमिका निभाई। इसके बाद बच्चों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास कराया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी घायलों को प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसी दौरान आग बुझाने के अभ्यास में फायर ब्रिगेड की गाड़ी का प्रेशर फेल हो गया। इससे आग पर पानी की बौछार करने में दिक्कत आई। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई मॉक ड्रिल के दौरान फायर ब्रिगेड की इस तकनीकी समस्या को लेकर मौके पर चर्चा शुरू हो गई। लोगों का कहना था कि यदि वास्तविक आपदा के दौरान इस तरह की समस्या सामने आए तो राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है। मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय सावधानी और सूझबूझ से काम लेने के लिए जागरूक किया। साथ ही भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाने, आग लगने पर तत्काल सूचना देने और घायलों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने के उपाय बताए गए। मॉक ड्रिल का निर्देशन एसडीएम डॉ. ललित मिश्रा और सीओ रूपाली राव के निर्देशन में किया गया। इस दौरान एसीएमओ डॉ. अवनीश कुमार, तहसीलदार खतौली सहित तहसील प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।