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मोदी ने भूपेन हजारिका को उनकी जन्मशती पर श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को महान संगीतकार, कवि और फिल्मकार भारत रत्न डॉ भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय संगीत में उनके असाधारण योगदान तथा असम और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय…

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मोदी ने भूपेन हजारिका को उनकी जन्मशती पर श्रद्धांजलि दी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को महान संगीतकार, कवि और फिल्मकार भारत रत्न डॉ भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और भारतीय संगीत में उनके असाधारण योगदान तथा असम और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने में उनकी भूमिका को याद किया। श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में हजारिका को ‘प्रतिष्ठित सांस्कृतिक व्यक्तित्व’ बताते हुए कहा कि उनकी आवाज असम से कहीं आगे तक गूंजती थी।

मोदी ने कहा, ” उनकी आवाज असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना को पूरे देश तक ले गई।” उन्होंने कहा कि डॉ हजारिका के संगीत ने अनगिनत लोगों के विचारों, भावनाओं और आकांक्षाओं को अभिव्यक्ति दी और लोगों को करीब लाने का काम भी किया। उन्होंने कहा, ” अपने संगीत के माध्यम से उन्होंने अनगिनत लोगों के विचारों और भावनाओं को खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। उनके गीतों ने लोगों को करीब लाया।”

मोदी ने पिछले वर्ष गुवाहाटी में डॉ हजारिका की जन्मशती समारोह की शुरुआत के अवसर को याद किया और कहा कि उनका जीवन एवं उनकी कृतियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी। असम के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक हस्तियों में शामिल डॉ हजारिका ने संगीत, कविता और सिनेमा के माध्यम से अमिट छाप छोड़ी। उनकी रचनाओं में अक्सर आम लोगों के जीवन, संघर्ष और आकांक्षाओं को स्वर मिला। उनके कार्यों में मानवता, सामाजिक सौहार्द और एकता जैसे विषय प्रमुखता से उभरते रहे। उनकी विशिष्ट कलात्मक अभिव्यक्ति ने पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भारत के व्यापक सांस्कृतिक परिदृश्य के अभिन्न हिस्से के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनको 2019 में मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। उनकी 100वीं जयंती के अवसर पर देशभर में श्रद्धांजलि और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, जिनमें उनकी उल्लेखनीय कलात्मक यात्रा और भारतीय संस्कृति पर उनके स्थाई प्रभाव को रेखांकित किया जा रहा है।