रहीमाबाद के जीवन धारा, नाव्या, द ऑक्सीजन समेत कई अस्पतालों की हुई जांच
पायनियर समाचार सेवा
लखनऊ। रहीमाबाद कस्बे में मंगलवार दोपहर करीब दो बजे निजी अस्पतालों में उस समय हड़कंप मच गया। जब फायर विभाग की टीम ने अचानक अस्पतालों में पहुंचकर अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और फायर एनओसी की जांच शुरू कर दी। फायर विभाग की टीम ने एक के बाद एक कई निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान अस्पताल संचालकों से फायर एनओसी समेत अग्निसुरक्षा से संबंधित जरूरी दस्तावेज मांगे गए। फायर विभाग के दरोगा राजेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में टीम ने रहीमाबाद स्थित जीवन धारा हॉस्पिटल, नाव्या हॉस्पिटल, द ऑक्सीजन हॉस्पिटल, न्यू प्रयाग हॉस्पिटल और मानवी हॉस्पिटल समेत अन्य निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया।

अचानक हुई इस कार्रवाई से अस्पताल संचालकों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टीम ने अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों, सुरक्षा इंतजामों और फायर एनओसी से संबंधित अभिलेखों की जानकारी ली। दरोगा राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि जांच के दौरान फायर एनओसी नहीं मिलने की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इसके बाद करीब तीन दिन में उच्च अधिकारियों के स्तर से संबंधित अस्पतालों को नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस जारी होने के बाद अस्पताल संचालकों को अग्निसुरक्षा संबंधी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का मौका दिया जाएगा।

फायर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अग्निसुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है। अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज, तीमारदार और कर्मचारी मौजूद रहते हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय गंभीर घटना का कारण बन सकती है। विभाग की ओर से अब अस्पतालों की अग्निसुरक्षा व्यवस्था की जांच आगे भी जारी रहने की संभावना है।
अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस दिए जाने के बाद अगले तीन दिन के बाद यदि संबंधित अस्पतालों द्वारा फायर एनओसी प्राप्त करने और निर्धारित अग्निसुरक्षा मानकों को पूरा करने में लापरवाही बरती जाती है तो नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फायर विभाग की इस कार्रवाई के बाद रहीमाबाद क्षेत्र के अन्य निजी अस्पताल संचालकों में भी खलबली मची हुई है।
जांच में किसी अस्पताल के पास नहीं मिली एनओसी
फायर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान जांच किए गए। अस्पतालों में फायर एनओसी से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद टीम ने अस्पताल संचालकों को अग्निसुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। विभाग की ओर से अब जांच की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।