गॉल। भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने कहा है कि कप्तानी की जिम्मेदारी को लेकर वह पूरी तरह सहज हैं और उन्हें भरोसा है कि टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है। गिल की कप्तानी में भारत ने अब तक कोई बड़ी टेस्ट सीरीज नहीं जीती है, लेकिन कप्तान का मानना है कि टीम के प्रदर्शन में लगातार सुधार हो रहा है और उसका ध्यान बड़े लक्ष्यों पर है।
गिल की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर की थी। इसके बाद घरेलू मैदान पर भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, गर्दन की चोट के कारण गिल उस सीरीज के अधिकांश मुकाबलों में उपलब्ध नहीं थे। भारत ने घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान को टेस्ट सीरीज में आसानी से हराया था, लेकिन यह मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं था।
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर प्रेस कांफ्रेंस में गिल ने कहा कि वह कप्तानी की भूमिका में सहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में भारतीय टीम ने जिस तरह प्रगति की है, उससे वह संतुष्ट हैं। टीम सही दिशा में आगे बढ़ रही है और खिलाड़ियों का ध्यान अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने पर है।
हालांकि भारत इस समय विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। ऐसे में फाइनल में जगह बनाने के लिए टीम को आगामी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करना होगा। गिल ने कहा कि अगले साल होने वाले डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचना टीम का मुख्य लक्ष्य है। भारत के पास अभी करीब नौ टेस्ट मैच बाकी हैं और फाइनल में जगह बनाने के लिए उसे इनमें से छह या सात मुकाबले जीतने की जरूरत होगी।गिल ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि टीम ने इसके लिए अच्छी तैयारी की है। उनका मानना है कि आगामी मुकाबलों में हर मैच का महत्व होगा और टीम को अपनी योजनाओं पर पूरी तरह अमल करना होगा।
All in readiness in Galle for the #SLvIND Test Series 🏆
Captain Shubman Gill and #TeamIndia are all set 🏟️ pic.twitter.com/58Yo7gb3yT
— BCCI (@BCCI) August 14, 2026
श्रीलंका के खिलाफ होने वाला टेस्ट भारत का 600वां टेस्ट मैच होगा। इस ऐतिहासिक मुकाबले में कप्तानी करके गिल उन चुनिंदा भारतीय कप्तानों की सूची में शामिल हो जाएंगे, जिन्होंने देश के महत्वपूर्ण टेस्ट पड़ाव पर टीम का नेतृत्व किया है। इससे पहले मंसूर अली खान पटौदी ने भारत के 100वें टेस्ट और विराट कोहली ने 500वें टेस्ट में टीम की कप्तानी की थी।
इस उपलब्धि को लेकर गिल ने कहा कि देश के लिए किसी भी टेस्ट मैच में कप्तानी करना उनके लिए बहुत बड़ा सम्मान है। भारत के 600वें टेस्ट में टीम का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व का विषय है और स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह जिम्मेदारी मिलने से यह अवसर और भी खास हो गया है।
गिल के बचपन के कोच सुखविंदर ‘टिंकू’ ने भी उनके कप्तानी कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि उन्हें शुभमन के कप्तान के रूप में अच्छा प्रदर्शन करने पर बिल्कुल आश्चर्य नहीं है। उनके मुताबिक, शुभमन बचपन से ही नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहते थे और किसी भी बात को बहुत जल्दी समझ लेते थे। उन्हें किसी बात को बार-बार समझाने की जरूरत नहीं पड़ती थी।
गॉल की परिस्थितियों के बारे में बात करते हुए गिल ने कहा कि यहां पुरानी गेंद के साथ स्पिनरों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने भारत की कुछ पिचों से गॉल की परिस्थितियों की तुलना करते हुए कहा कि यहां हाल के मुकाबलों में अच्छी उछाल देखने को मिली है। उनके मुताबिक, गॉल की परिस्थितियां भारत की लाल मिट्टी वाली पिचों से काफी हद तक मिलती-जुलती हैं और मुंबई जैसी जगहों पर भी ऐसी परिस्थितियों का अनुभव किया जा सकता है।