500 से अधिक स्वयंसेवक संभालेंगे व्यवस्था
गाजियाबाद। सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में रविवार से तीन दिवसीय कांवड़ मेले की शुरुआत होगी। कांवड़ मेले को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह छह बजे से शिवभक्तों और कांवड़ियों द्वारा भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव का जलाभिषेक शुरू होगा। मेले के दौरान तीन दिनों तक मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे खुले रहेंगे। कांवड़ मेला 11 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
कांवड़ मेले में देश-विदेश से लाखों शिवभक्तों के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव के दर्शन और जलाभिषेक करेंगे। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, सजावट और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को पूरा कर लिया गया है।
कांवड़ियों और शिवभक्तों के लिए भोजन, दवाइयों समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। धूप और बारिश से बचाव के लिए कतारों के ऊपर टेंट भी लगाए गए हैं।
पांच कतारों में होगी श्रद्धालुओं की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर जाने वाले रास्ते पर लकड़ी की बल्लियां लगाकर पांच अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं। इनमें महिला, पुरुष और कांवड़ियों के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है।
मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए 500 से अधिक स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को कतार में दर्शन कराने के साथ अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे।
लंदन से तैयारियों पर नजर रख रहे महंत नारायण गिरि
मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि इन दिनों संत संसद के लिए लंदन में हैं। वहां से ही वह कांवड़ मेले और शिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर मंदिर समिति को आवश्यक मार्गदर्शन दे रहे हैं।
VIP पास और विशेष प्रवेश नहीं
मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए किसी भी प्रकार का VIP पास, VIP प्रवेश या विशेष अनुमति जारी नहीं की जाएगी। सभी श्रद्धालुओं के लिए समान व्यवस्था लागू रहेगी।
मंदिर प्रबंधन के अनुसार, प्रत्येक श्रद्धालु निर्धारित व्यवस्था और कतार के माध्यम से भगवान श्री दूधेश्वर नाथ महादेव के दर्शन और पूजन करेगा।
श्रद्धालुओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील
मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरि और मंदिर समिति ने सभी शिवभक्तों से व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। श्रद्धालुओं से मंदिर और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा कतारबद्ध होकर दर्शन करने का अनुरोध किया गया है।
कांवड़ मेले को लेकर मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान दूधेश्वर नाथ महादेव के दर्शन और जलाभिषेक में किसी प्रकार की परेशानी न हो।